पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में कथित साहूकारी का मामला, ऊंची ब्याज दर और दबाव के आरोपों से हड़कंप

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में निजी तौर पर कर्ज देकर कथित रूप से ऊंची ब्याज दर वसूलने के आरोप सामने आए हैं। अनुविभागीय दंडाधिकारी मोहला के समक्ष दिए गए दो अलग-अलग आवेदनों में एक महिला कर्जदाता पर 20 हजार रुपये के कर्ज पर हर सप्ताह एक हजार रुपये और 10 हजार रुपये पर 500 रुपये साप्ताहिक ब्याज लेने के आरोप लगाए गए हैं। प्रशासन ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।

Sep 12, 2026 - 07:33
 0  2
पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में कथित साहूकारी का मामला, ऊंची ब्याज दर और दबाव के आरोपों से हड़कंप

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद शेख, मानपुर l मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में निजी तौर पर कर्ज देने और कथित रूप से ऊंची ब्याज दर वसूलने का मामला सामने आया है। अनुविभागीय दंडाधिकारी मोहला के समक्ष दिए गए दो अलग-अलग आवेदनों में कर्जदारों ने एक महिला कर्जदाता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की जांच और राहत की मांग की है। शिकायतों में मोहला के फव्वारा चौक स्थित गुप्ता दुकान से जुड़ी कल्पना गुप्ता का नाम सामने आया है। हालांकि लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहले आवेदन में शिकायतकर्ता ने बताया कि कपड़े के व्यवसाय के लिए करीब एक साल पहले 20 हजार रुपये उधार लिए गए थे। आवेदन के मुताबिक इस रकम पर हर सप्ताह एक हजार रुपये ब्याज तय किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लगातार ब्याज चुकाने के बावजूद कर्ज का हिसाब समाप्त नहीं हुआ और अब मूलधन तथा ब्याज के नाम पर बड़ी रकम की मांग की जा रही है। शिकायत में करीब 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग किए जाने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पैसे देने से पहले कोरे स्टाम्प पेपर और कोरे चेक पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं। आवेदन में आशंका जताई गई है कि भविष्य में भुगतान नहीं होने की स्थिति में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। शिकायतकर्ता ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

दूसरे आवेदन में भी इसी तरह की शिकायत सामने आई है। इसमें 10 हजार रुपये उधार लेने और उस पर हर सप्ताह 500 रुपये ब्याज लिए जाने का आरोप लगाया गया है। आवेदक का कहना है कि लगातार ब्याज देने के बावजूद कर्ज समाप्त नहीं हुआ। शिकायत में स्कूटी की आरसी को गिरवी रखे जाने की बात भी कही गई है। आवेदक ने पूरे लेनदेन की जांच और राहत की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने कथित तौर पर करीब 20 प्रतिशत मासिक ब्याज वसूले जाने का आरोप लगाया है। साधारण वार्षिक गणना के आधार पर यह दर 240 प्रतिशत तक बैठती है। शिकायतों में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि क्षेत्र में कई लोग ऐसे कर्ज के बोझ से प्रभावित हैं और कुछ लोगों द्वारा कर्ज चुकाने के लिए जमीन तक बेचने की बात सामने आई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मोहला, मानपुर और चौकी क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। शिकायतों में पांचवीं अनुसूची और पेसा क्षेत्र में साहूकारी को लेकर लागू कानूनी व्यवस्था का हवाला दिया गया है। उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में मनी लेंडिंग को लेकर विशेष प्रावधान लागू हैं और बिना वैध अनुमति के साहूकारी करने पर कार्रवाई का प्रावधान है।

अनुविभागीय दंडाधिकारी मोहला हेमेंद्र भूआर्य ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित देनदार को नोटिस तामील कर मामले की जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के कारण मामले को गंभीर बताया है।

वहीं ग्राम पंचायत मोहला के सचिव कुबेर राम चोरिया ने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में साहूकार प्रथा प्रतिबंधित है। उनके अनुसार ग्रामसभा से इस तरह के लेनदेन के लिए किसी ने अनुमति नहीं ली है। उन्होंने कहा कि यदि ब्याज पर निजी तौर पर पैसे दिए जा रहे हैं तो इसकी जांच आवश्यक है।

अब प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं, संबंधित व्यक्ति के पास कर्ज देने की कोई वैध अनुमति है या नहीं और कथित ब्याज दर वास्तव में कितनी थी। लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, चेक, बैंक रिकॉर्ड, रसीद, हिसाब-किताब और संबंधित पक्षों के बयान जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जांच के बाद ही इस मामले में वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।