नाबालिग को बहला-फुसलाकर शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार, ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई
डोंगरगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन “मुस्कान” के तहत नाबालिग बालिका को रायपुर से सुरक्षित बरामद किया और उसे बहला-फुसलाकर शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, डोंगरगढ़। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ शारीरिक शोषण करने के मामले में डोंगरगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत बालिका को रायपुर से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
मामले की शुरुआत 24 नवंबर 2025 को हुई थी, जब बालिका के पिता ने थाना डोंगरगढ़ में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी उमेश यादव (21 वर्ष), निवासी डोंगरगढ़, ने बालिका को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा लिया था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार आरोपी की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रायपुर में आरोपी का पता लगाया। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर बालिका को आरोपी के कब्जे से सुरक्षित बरामद किया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ रखा और उसके साथ शारीरिक शोषण किया। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 87, 64(2)(M), 65(1) तथा POCSO Act की धारा 4 एवं 6 के तहत मामला दर्ज किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, बालिका को आवश्यक चिकित्सीय जांच के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
इस पूरे मामले में पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता देखने को मिली। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी संतोष जायसवाल के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक गीतांजली सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक मुजीब रहमान कुरैशी और आरक्षक ऋतेश गात्रे की विशेष भूमिका रही।
पुलिस ने बताया कि “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश और उन्हें सुरक्षित वापस लाने का अभियान लगातार जारी है। इस अभियान के माध्यम से कई बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या किसी बच्चे के साथ कोई असामान्य स्थिति नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इसके लिए आपातकालीन नंबर 100 पर संपर्क किया जा सकता है।
डोंगरगढ़ पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।