UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा। जिले में अवैध राख डंपिंग और मिट्टी उत्खनन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरबा से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से राख फेंके जाने और बिना अनुमति मिट्टी उत्खनन किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और गांव की सड़कें तथा खेती की जमीन भी प्रभावित हो रही है।
मामले की जानकारी मिलने पर यूनाइटेड न्यूज की टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय भारी वाहनों के जरिए राख लाकर गांव के आसपास खाली स्थानों और सड़कों के किनारे डंप की जा रही है। राख उड़ने के कारण आसपास के क्षेत्र में धूल और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि राख के कारण खेतों की उपजाऊ जमीन भी प्रभावित हो रही है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि राख की परत जमने से फसलों की गुणवत्ता खराब हो रही है और खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इसी क्षेत्र में अवैध मिट्टी उत्खनन का काम भी तेजी से चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जेसीबी मशीनों और हाईवा वाहनों के माध्यम से लगातार मिट्टी निकाली जा रही है। बिना किसी अनुमति के हो रहे इस उत्खनन से जमीन की संरचना प्रभावित हो रही है और कई जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें भी खराब हो रही हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभागों को इस अवैध गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि अवैध राख डंपिंग और मिट्टी उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही पर्यावरण को हो रहे नुकसान की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से गांव की सड़कों की मरम्मत कराने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि अवैध गतिविधियों के कारण गांव का वातावरण खराब हो रहा है और आमजन के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध राख डंपिंग तथा मिट्टी उत्खनन पर रोक लगाने के लिए क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है।