कवर्धा में 23 से 26 मार्च तक संभागीय सरस मेला, महिला समूहों के उत्पादों की लगेगी भव्य प्रदर्शनी

कवर्धा के सरदार पटेल मैदान में 23 से 26 मार्च तक संभागीय सरस मेला आयोजित होगा, जिसमें महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी, बिक्री और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

Mar 21, 2026 - 16:33
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कवर्धा में 23 से 26 मार्च तक संभागीय सरस मेला, महिला समूहों के उत्पादों की लगेगी भव्य प्रदर्शनी

UNITED NEWS OF ASIA . कवर्धा | कबीरधाम जिले में 23 से 26 मार्च 2026 तक सरदार पटेल मैदान में संभागीय सरस मेला का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मेले में संभाग के विभिन्न जिलों से आई महिला स्व-सहायता समूहों और लखपति दीदियों द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी सह विक्रय केंद्र लगाया जाएगा। यह मेला न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को भी सशक्त करेगा।

कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले का उद्देश्य “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाना है। इस दौरान विभिन्न महिला समूहों द्वारा तैयार जैविक खाद्य सामग्री, घरेलू सजावटी सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और दैनिक उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मेला ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और हुनर का प्रतीक है। यहां आगंतुकों को रागी, कोदो और बाजरा जैसे मिलेट से बने पौष्टिक खाद्य पदार्थ, स्वादिष्ट अचार, पापड़, मसाले, हर्बल गुलाल और प्राकृतिक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलेगी। इसके साथ ही हस्तशिल्प और आकर्षक सजावटी सामग्री भी उपलब्ध रहेगी।

मेले में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद भी आगंतुकों को आकर्षित करेगा। साथ ही, मीना बाजार, किड्स जोन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जो सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

अधिकारियों के अनुसार, महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पाद बाजार मूल्य से कम दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे खरीदारों को गुणवत्ता के साथ किफायती सामान मिलेगा। साथ ही, हर खरीदारी से ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सीधा सहयोग मिलेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि संभागीय सरस मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक संचालित होगा। आयोजकों ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और महिला समूहों को प्रोत्साहित करें।

यह मेला न केवल खरीदारी का अवसर है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी उत्पादों को करीब से जानने और समझने का भी एक बेहतरीन मंच है। इससे निश्चित रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।