कबीरधाम में ‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान तेज, 60 पंचायतों में चार डिब्बों से होगा कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन

कबीरधाम जिले में ‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 60 ग्राम पंचायतों में चार रंगों के डिब्बों के माध्यम से कचरे का पृथक्करण शुरू किया गया है। स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं और अक्टूबर 2026 तक अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने की तैयारी की जा रही है।

Jul 3, 2026 - 16:34
Jul 3, 2026 - 16:43
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कबीरधाम में ‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान तेज, 60 पंचायतों में चार डिब्बों से होगा कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की दिशा में ‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के वैज्ञानिक निपटान और स्रोत स्तर पर पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति लोगों में व्यवहार परिवर्तन लाना और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत करना है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू के मार्गदर्शन और कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले की 60 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन पंचायतों में अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक पंचायत में चार अलग-अलग रंगों के डिब्बों के माध्यम से कचरे का पृथक्करण किया जा रहा है।

अभियान के तहत हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल चिन्हित डिब्बे में सेनेटरी कचरा तथा काले डिब्बे में घरेलू हानिकारक कचरा एकत्र किया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि गीले कचरे से खाद तैयार होगी, सूखे कचरे से आय के अवसर बढ़ेंगे, जबकि सेनेटरी और हानिकारक कचरे का सुरक्षित तरीके से निपटान किया जाएगा।

स्वच्छता दीदियां और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का अमला घर-घर जाकर लोगों को कचरे का पृथक्करण करने, खुले में कचरा नहीं फेंकने, नालियों और सड़कों पर कचरा न डालने तथा कचरा नहीं जलाने के लिए जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और कपड़े तथा जूट के थैलों के इस्तेमाल के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के दौरान प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी भी दी जा रही है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में "मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी" की भावना विकसित करना है। इसके लिए ग्राम सभाओं, रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और शपथ कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले समय में जिले की सभी ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और सतत जागरूकता के माध्यम से कबीरधाम को स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का मॉडल जिला बनाया जाएगा। वहीं जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण संजय सोनी ने बताया कि विभागीय टीम लगातार गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रही है। उनका कहना है कि जनसहभागिता और व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से ही स्वच्छता अभियान को स्थायी सफलता मिल सकती है।