भीमभौरी में अवैध वृक्ष कटाई पर बड़ी कार्रवाई, ट्रक-क्रेन जब्त, फर्जी वन विभाग की सील का खुलासा

कबीरधाम जिले के भीमभौरी गांव में आम के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में राजस्व, वन एवं पुलिस विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। मौके से 12 कटे हुए आम के पेड़, एक ट्रक और एक क्रेन जब्त की गई। जांच में वन विभाग की फर्जी सील का उपयोग किए जाने का भी खुलासा हुआ। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Jul 3, 2026 - 16:37
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भीमभौरी में अवैध वृक्ष कटाई पर बड़ी कार्रवाई, ट्रक-क्रेन जब्त, फर्जी वन विभाग की सील का खुलासा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले के रेंगाखार तहसील अंतर्गत ग्राम भीमभौरी में आम के वृक्षों की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व, वन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर 12 कटे हुए आम के वृक्षों का पंचनामा तैयार किया और लकड़ी परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे एक ट्रक तथा एक क्रेन को जब्त कर पुलिस की सुपुर्दगी में सौंप दिया। मामले में फर्जी वन विभाग की सील के उपयोग का भी खुलासा हुआ है।

प्रशासन के अनुसार नायब तहसीलदार प्रेमनारायण साहू को ग्राम भीमभौरी में अवैध वृक्ष कटाई की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान ग्राम भीमभौरी के खसरा क्रमांक 108 में 12 आम के वृक्ष कटे हुए पाए गए। मौके पर लकड़ी को परिवहन के लिए तैयार किया जा रहा था।

जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि कटे हुए लट्ठों पर वन विभाग की मुहर अंकित थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को तत्काल सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर भूपेंद्र कुमार ने मुहर का सत्यापन किया, जिसमें यह सील फर्जी पाई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी को वैध दर्शाने के उद्देश्य से वन विभाग की नकली सील का इस्तेमाल किया गया था।

प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी मिली कि कटे हुए आम के लट्ठों को मध्य प्रदेश के इंदौर भेजने की तैयारी की जा रही थी। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते लकड़ी का अवैध परिवहन समय रहते रोक दिया गया। संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद ट्रक और क्रेन को जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे तथा सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पंचनामा तैयार किया गया।

जिला प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। अवैध वृक्ष कटाई, वन विभाग की फर्जी सील के उपयोग और लकड़ी तस्करी में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध वृक्ष कटाई, वन संपदा की तस्करी या पर्यावरण से जुड़े किसी भी प्रकार के अवैध कार्य की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।