ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर दुबे के निर्देशानुसार सौंपा गया। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पत्रकार शासन, प्रशासन और आम जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाकर समाज को जागरूक बनाने में अहम योगदान देते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान पत्रकारों के खिलाफ झूठी, दुर्भावनापूर्ण और अनावश्यक शिकायतों की घटनाओं में वृद्धि हुई है। कई बार जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करने या समाचार प्रकाशित करने पर पत्रकारों को मानसिक दबाव, प्रताड़ना और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होती है तथा पत्रकारों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
यूनियन ने बताया कि वर्ष 2023 में पत्रकार सुरक्षा से संबंधित विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है और उसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसके बावजूद कानून को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। संगठन का कहना है कि कानून लागू नहीं होने के कारण प्रदेश के पत्रकार अपेक्षित कानूनी संरक्षण से वंचित हैं।
ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा गया कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से पत्रकारों के खिलाफ होने वाली झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर नियंत्रण लगेगा। साथ ही पत्रकार निर्भीक और निष्पक्ष होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। कानून लागू होने से धमकी, दबाव और प्रताड़ना जैसी घटनाओं में कमी आएगी तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन पटेल ने कहा कि पत्रकार केवल समाचारों का संकलन नहीं करते, बल्कि समाज की आवाज बनकर जनहित के मुद्दों को सामने लाते हैं। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत बनाने के समान है।
जिला अध्यक्ष श्याम टंडन ने कहा कि सरकार को पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून को प्राथमिकता के आधार पर लागू करना चाहिए। वहीं सहसपुर लोहारा ब्लॉक अध्यक्ष उमेश छेदावी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को अक्सर अधिक जोखिम उठाना पड़ता है, इसलिए उनके लिए सुरक्षा कानून और भी आवश्यक हो जाता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान गुरदीप सलूजा, रविन्द्र शुक्ला, विकास शुक्ला, तोरण छेदावी, टिकेश्वर साहू सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द लागू करने की मांग दोहराई।
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन ने उम्मीद जताई है कि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी। संगठन का मानना है कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।