सेलूद धान संग्रह केंद्र में भूसी फड़ी की कमी से ठप हुआ काम, हमाल संघ ने जिला कलेक्टर कार्यालय दुर्ग को सौंपा ज्ञापन

जिला दुर्ग जिला के सेलूद धान संग्रह केंद्र में भूसी फड़ी की कमी के कारण गाड़ियों से धान खाली नहीं हो पा रहा है, जिससे लगभग 200 हमालों का काम प्रभावित हो गया है। इस समस्या को लेकर हमाल संघ ने दुर्ग जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र व्यवस्था कराने की मांग की है।

Feb 15, 2026 - 11:42
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सेलूद धान संग्रह केंद्र में भूसी फड़ी की कमी से ठप हुआ काम, हमाल संघ ने जिला कलेक्टर कार्यालय दुर्ग को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA . रोहितास सिंह भुवाल ,दुर्ग । दुर्ग जिले के सेलूद धान संग्रह केंद्र में धान स्टेक लगाने के लिए भूसी फड़ी की कमी के कारण कार्य लगभग ठप हो गया है। गाड़ियों से धान खाली नहीं हो पाने से मजदूरों और हमालों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

हमाल संघ द्वारा इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय दुर्ग को ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र समाधान की मांग की गई।

हमाल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से सेलूद धान संग्रहण केंद्र में गाड़ियों से धान खाली करने का कार्य करते आ रहे हैं। वर्तमान में स्टेक लगाने के लिए आवश्यक भूसी फड़ी उपलब्ध नहीं होने के कारण धान का भंडारण नहीं हो पा रहा है और इसी वजह एवं अन्य वाहनों से धान खाली करने का काम बाधित हो गया है।

केंद्र में करीब 200 हमाल कार्यरत हैं। संघ के अनुसार उनकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 100 गाड़ियां खाली करने की है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था के चलते प्रतिदिन केवल 30 से 35 गाड़ियां ही खाली हो पा रही हैं। काम में आई इस भारी गिरावट के कारण हमालों को पर्याप्त मजदूरी नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

हमाल संघ ने यह भी बताया कि इस समस्या की जानकारी पूर्व में कई बार डीएमओ दुर्ग को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी के कारण मजबूर होकर संघ को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपना पड़ा है।

ज्ञापन के माध्यम से हमाल संघ ने मांग की है कि सेलूद धान संग्रह केंद्र में तत्काल पर्याप्त मात्रा में भूसी फड़ी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्टेक निर्माण सुचारु रूप से हो सके और गाड़ियों से धान खाली करने का कार्य फिर से सामान्य हो सके।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बड़ी संख्या में हमालों के समक्ष गंभीर रोजगार संकट उत्पन्न हो जाएगा और आंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।