दिल्ली-NCR में आउटडोर खेलों पर रोक: सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार—कहा, बच्चों को गैस चैंबर में मत भेजिए

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR की बेहद खराब वायु गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए सभी स्कूलों में आउटडोर खेल गतिविधियों को अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को ऐसे हालात में बाहर भेजना 'गैस चैंबर' में भेजने जैसा है। अब प्रदूषण मामलों की मासिक मॉनिटरिंग होगी और अगली सुनवाई 10 दिसंबर को निर्धारित है।

Nov 19, 2025 - 17:07
Nov 19, 2025 - 17:08
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दिल्ली-NCR में आउटडोर खेलों पर रोक: सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार—कहा, बच्चों को गैस चैंबर में मत भेजिए

 UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कड़ी नाराजगी जताई और स्कूलों में हो रही आउटडोर खेल गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा हालात में बच्चों को खेल के लिए बाहर भेजना “उन्हें गैस चैंबर में भेजने जैसा” है।

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को आदेश दिया कि एनसीआर के सभी स्कूलों में अगले आदेश तक आउटडोर स्पोर्ट्स पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण सिर्फ निगरानी का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसे प्रभावी तरीके से लागू करने की आवश्यकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण संबंधी मामलों की अब हर महीने सुनवाई की जाएगी। अगली सुनवाई 10 दिसंबर को तय की गई है।

सुनवाई के दौरान न्यायमित्र ने बताया कि नवंबर-दिसंबर में प्रदूषण सबसे अधिक होता है, इसके बावजूद स्कूलों में स्पोर्ट्स इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद CAQM को तुरंत दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है।

सुनवाई में केंद्र की ओर से बताया गया कि अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान तैयार हैं। ASG ने अदालत को एंटी-स्मॉग गन, धूल नियंत्रण तकनीक और डस्ट मिटिगेशन उपायों की जानकारी दी। केंद्र ने साप्ताहिक रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति भी मांगी, जबकि पिछली सुनवाई में दीर्घकालिक योजना पेश करने के निर्देश दिए गए थे।

CJI ने NCR राज्यों को निर्वाह भत्ता भुगतान से जुड़े आदेशों के पालन की रिपोर्ट अदालत में पेश करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की मासिक समीक्षा आवश्यक है, ताकि CAQM और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों का सही मूल्यांकन किया जा सके।

बेंच को यह भी बताया गया कि मौजूदा परिस्थिति में बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि जहरीली हवा उनकी सांसों में घुल रही है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि स्कूलों में किसी भी प्रकार के आउटडोर खेल या गतिविधि तब तक स्थगित की जाए जब तक वायु गुणवत्ता सुरक्षित स्तर पर न पहुंच जाए।