बाल चौपाल में बच्चों की निडर आवाज़ पर आयोग ने लिया त्वरित संज्ञान, डॉ. वर्णिका शर्मा ने दिया साहस का संदेश

बिलासपुर जिले के बेलगहना स्थित विद्यालय में आयोजित बाल चौपाल में बच्चों ने निडर होकर अपनी समस्याएं रखीं। ‘सेफ टच’, सीपीआर प्रशिक्षण और स्कूल से जुड़ी शिकायतों पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बीईओ को तलब किया।

Feb 15, 2026 - 16:01
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बाल चौपाल में बच्चों की निडर आवाज़ पर आयोग ने लिया त्वरित संज्ञान, डॉ. वर्णिका शर्मा ने दिया साहस का संदेश

UNITED NEW OF ASIA . अमृतेश्वर सिंह , रायपुर । जब बच्चे निडर होकर अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े प्रश्न पूछते हैं, तभी एक सशक्त समाज की नींव मजबूत होती है। इसी उद्देश्य के साथ 13 फरवरी को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मीडियम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलगहना में बाल चौपाल का सफल आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना रहा।

 

बाल चौपाल के दौरान सीजी नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा जीवनरक्षक तकनीक सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) का व्यवहारिक प्रशिक्षण और प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटक, क्विज, काउंसलिंग सत्र, प्रश्नोत्तरी एवं प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को ‘सेफ टच’ और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया गया।

 

कार्यक्रम में बेलगहना एवं कोटा क्षेत्र के बच्चों ने अत्यंत निडरता के साथ अपनी समस्याएं साझा कीं। विद्यार्थियों ने शिक्षकों की कमी, जर्जर विद्यालय भवन, पेयजल समस्या, खेल मैदान की आवश्यकता तथा क्षेत्र में कॉलेज की अनुपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

इसी दौरान एक छात्रा ने भावुक होते हुए गलत स्पर्श से जुड़े सवाल पूछे। डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्ची को संवेदनशीलता के साथ समझाते हुए उसे निडर रहने और किसी भी प्रकार की गलत स्थिति का सामना साहसपूर्वक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के पश्चात मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से उन्होंने बच्ची से अलग से संवाद कर उसका मनोबल भी बढ़ाया।

 

बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने मौके पर ही बीईओ बेलगहना से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए तथा पूर्व पत्राचार की प्रति के साथ आयोग कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश भी जारी किए।

आयोग की ओर से बताया गया कि अब तक आयोजित सभी बाल चौपालों में यह आयोजन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जहां बच्चों ने सबसे अधिक खुलकर और निडरता से अपनी बात रखी। आयोग बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है।

 

बाल चौपाल कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य शीलू साहू, श्री चंद्रशेखर तिवारी तथा सीजी नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे।