प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत आरोपी की 16.68 एकड़ कृषि भूमि को सीज किया गया है। बताया जा रहा है कि यह संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की गई थी, जिसे आरोपी ने गांजा तस्करी के माध्यम से हासिल किया था। इस पूरे मामले में कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 68(F) के तहत की गई है, जो मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान देती है।
इस कार्रवाई का आदेश मुंबई स्थित SAFEMA/NDPS प्राधिकरण की ओर से जारी किया गया था। आदेश मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी की संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें फ्रीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी प्रावधानों के तहत अपनाई गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मनोज साहू के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसने अवैध कमाई को छिपाने के लिए कई संपत्तियां अपने नाम और अन्य लोगों के नाम पर खरीद रखी थीं। इनमें कृषि भूमि के अलावा अन्य निवेश भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ संपत्ति फ्रीज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपी के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
धमधा में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले समय में इस तरह की और भी सख्त कार्रवाइयों की संभावना है, जिससे नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।