गणतंत्र दिवस पर “वंदे मातरम्” रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ भव्य सामूहिक गायन
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन किया गया। मुख्य अतिथि मंत्री लखनलाल देवांगन सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं नागरिकों ने राष्ट्रगीत का एक स्वर में गायन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर कवर्धा जिला मुख्यालय स्थित आचार्य पंथ गृंध मुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) मैदान में राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य सामूहिक गायन का आयोजन किया गया।
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में उपस्थित उद्योग एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धमेन्द्र सिंह, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों ने एक स्वर में “वंदे मातरम्” का गायन कर राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दिया। जैसे ही राष्ट्रगीत का गायन प्रारंभ हुआ, पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर राष्ट्रगीत का सम्मान किया। सामूहिक गायन के दौरान पीजी कॉलेज मैदान में अनुशासन, गरिमा और देशभक्ति का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा है और इसकी रचना के 150 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की और आज भी यह गीत हर भारतीय को एकता और अखंडता का संदेश देता है।
सामूहिक गायन के माध्यम से संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र की एकता-अखंडता के प्रति निष्ठा व्यक्त की गई। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यह क्षण प्रेरणादायक रहा, जिससे उनमें देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना और अधिक प्रबल हुई।
यह आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह का एक प्रमुख और भावनात्मक आकर्षण रहा, जिसे उपस्थित सभी नागरिकों ने सराहा।