जारी आंकड़ों के अनुसार पिपरिया तहसील में सबसे अधिक 170.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके बाद कुकदूर में 96.9 मिलीमीटर, कवर्धा में 95.6 मिलीमीटर और बोड़ला तहसील में 89.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पंडरिया में 47.1 मिलीमीटर, सहसपुर लोहारा में 47.2 मिलीमीटर, कुंडा में 31.2 मिलीमीटर तथा रेंगाखार तहसील में सबसे कम 29.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार तीन जुलाई की स्थिति में पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में औसतन 13.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में कवर्धा तहसील में 26.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो जिले में सबसे अधिक रही। कुकदूर में 21.9 मिलीमीटर, पिपरिया में 18.4 मिलीमीटर, पंडरिया में 11.3 मिलीमीटर, कुंडा में 9.8 मिलीमीटर और बोड़ला में 8.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं रेंगाखार में 5.0 मिलीमीटर तथा सहसपुर लोहारा में 2.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जिले में हो रही बारिश से किसानों में खरीफ फसलों को लेकर उम्मीद बढ़ी है। कई क्षेत्रों में धान की बुवाई और रोपाई का कार्य तेज हो गया है, जबकि जिन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है वहां किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विभाग भी लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े कार्य करने की सलाह दे रहा है।
प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों और पुल-पुलियों के ऊपर पानी होने की स्थिति में अनावश्यक आवागमन से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में जिले के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों और जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है, जिससे आगामी कृषि सीजन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है।