तबादला नीति में देरी पर कांग्रेस का हमला, सुशील आनंद शुक्ला ने पारदर्शी नीति की मांग उठाई

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा तबादला नीति घोषित करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शी तबादला नीति लागू करने में विफल रही है। उन्होंने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र स्पष्ट तबादला नीति जारी करने की मांग की। सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Jul 1, 2026 - 13:24
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तबादला नीति में देरी पर कांग्रेस का हमला, सुशील आनंद शुक्ला ने पारदर्शी नीति की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा अब तक तबादला नीति घोषित नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि सरकार समय पर तबादला नीति लागू करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष प्रशासनिक आवश्यकताओं और कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय पर तबादला नीति जारी की जाती रही है, लेकिन इस वर्ष इसमें देरी हो रही है।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और सरकार को जल्द से जल्द स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति घोषित करनी चाहिए। उनका कहना है कि तबादला नीति का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना तथा उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्थानांतरण की व्यवस्था करना होता है।

कांग्रेस का दावा है कि पिछले वर्ष भी कुछ प्रमुख विभागों को तबादला नीति के दायरे से बाहर रखा गया था, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित हुए थे। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि बाद में अलग-अलग चरणों में तबादला सूची जारी करने की प्रक्रिया अपनाई गई। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सभी विभागों के लिए समान और पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कर्मचारियों के तबादले केवल प्रशासनिक आवश्यकता तक सीमित नहीं होते, बल्कि कई मामलों में पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थापना, स्वास्थ्य संबंधी कारण, बच्चों की शिक्षा तथा पारिवारिक परिस्थितियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है। इसलिए समय पर स्पष्ट नीति घोषित करना आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तबादला नीति जारी की जाए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। कांग्रेस का कहना है कि इससे कर्मचारियों का विश्वास बढ़ेगा और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि सरकार समय पर नीति जारी नहीं करती है तो इससे विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। पार्टी ने कर्मचारियों की सुविधा और सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था के लिए शीघ्र निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया।