क्षीरपानी जलाशय 10 वर्ष की लीज पर मिलेगा, मत्स्यपालन के लिए 21 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित

कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित क्षीरपानी जलाशय को 10 वर्ष की अवधि के लिए मत्स्यपालन, मत्स्याखेट और मत्स्य विक्रय हेतु लीज पर दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मत्स्य विभाग ने पात्र मत्स्य सहकारी समितियों एवं अन्य पात्र आवेदकों से 21 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। लीज प्रक्रिया नई मछलीपालन नीति-2022 के तहत पूरी की जाएगी।

Jul 4, 2026 - 12:35
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क्षीरपानी जलाशय 10 वर्ष की लीज पर मिलेगा, मत्स्यपालन के लिए 21 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम l कबीरधाम जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग ने बोड़ला विकासखंड स्थित क्षीरपानी जलाशय को 10 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एवं पात्र मत्स्य सहकारी समितियों तथा अन्य पात्र आवेदकों से 21 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

मत्स्य विभाग के अनुसार क्षीरपानी जलाशय का औसत क्षेत्रफल 253.93 हेक्टेयर है। इस बड़े जलाशय का उपयोग मत्स्यपालन, मत्स्याखेट और मत्स्य विक्रय गतिविधियों के लिए किया जाएगा। लीज का आवंटन छत्तीसगढ़ शासन की नवीन मछलीपालन नीति-2022 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे पारदर्शी और नियमानुसार चयन प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य जलाशयों का वैज्ञानिक उपयोग कर मत्स्य उत्पादन में वृद्धि करना, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों की आय में वृद्धि करना है। जलाशय के बेहतर प्रबंधन से स्थानीय स्तर पर मत्स्य उत्पादन को भी नई गति मिलने की संभावना है।

लीज के लिए केवल पात्र आवेदक ही आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक मत्स्य सहकारी समितियों और अन्य पात्र व्यक्तियों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों, शर्तों और पात्रता मानदंडों का पालन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी मत्स्य विभाग के जिला कार्यालय कबीरधाम अथवा संबंधित कार्यालय से कार्यालयीन समय में प्राप्त की जा सकती है।

मत्स्य विभाग ने इच्छुक आवेदकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह शासन की निर्धारित नीति और नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी। समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार की नई मछलीपालन नीति का उद्देश्य राज्य में मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास करना, जलाशयों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना और मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसी नीति के तहत विभिन्न जलाशयों को लीज पर उपलब्ध कराकर उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

क्षीरपानी जलाशय के लीज पर उपलब्ध होने से क्षेत्र के मत्स्य पालकों, सहकारी समितियों और इस क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक लोगों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। विभाग ने सभी पात्र आवेदकों से समय पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित हो सकें।