राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में हेमबती नाग ने जीता कांस्य पदक, प्रदेश का बढ़ाया मान

कोंडागांव की युवा खिलाड़ी हेमबती नाग ने चंडीगढ़ में आयोजित ओपन नेशनल जूडो प्रतियोगिता में 40 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बधाई देते हुए इसे प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

Jun 13, 2026 - 12:02
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राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में हेमबती नाग ने जीता कांस्य पदक, प्रदेश का बढ़ाया मान

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की बेटियां खेल जगत में लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। इसी क्रम में कोंडागांव जिले की प्रतिभावान खिलाड़ी हेमबती नाग ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। चंडीगढ़ में आयोजित ओपन नेशनल जूडो प्रतियोगिता में हेमबती नाग ने 40 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

हेमबती नाग महिला एवं बाल विकास विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोंडागांव से जुड़ी खिलाड़ी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करते हुए हेमबती ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया।

उनकी इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को शिक्षा, खेल और व्यक्तित्व विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हेमबती की सफलता यह साबित करती है कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियां भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

मंत्री ने कहा कि हेमबती नाग की उपलब्धि प्रदेश की हजारों बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन कर रही है।

हेमबती नाग की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों का समर्पण, नियमित अभ्यास और बालिका गृह में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्हें बेहतर वातावरण और प्रोत्साहन मिला, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

इस उपलब्धि से बालिका गृह में रहने वाली अन्य बालिकाओं में भी खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। हेमबती की सफलता ने यह संदेश दिया है कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के माध्यम से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी उपलब्धि कोंडागांव जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गई है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सफलताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती हैं और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हेमबती नाग आज संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल बनकर उभरी हैं तथा प्रदेश की बेटियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।