गरियाबंद में नक्सलियों का डम्प बरामद, भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार नष्ट

गरियाबंद जिले में सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखा गया विस्फोटक सामग्री और हथियारों का डम्प बरामद किया गया। सुरक्षा बलों ने मौके पर ही विस्फोटकों को निष्क्रिय कर संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

Jun 13, 2026 - 11:14
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गरियाबंद में नक्सलियों का डम्प बरामद, भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार नष्ट

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सीआरपीएफ की 65वीं वाहिनी और छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामग्री और हथियारों के एक बड़े डम्प का पता लगाया गया। सुरक्षा बलों ने बरामद सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों से संबंधित विश्वसनीय खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर 11 जून 2026 को अपराह्न लगभग 4:30 बजे कुल्हारीघाट स्थित एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना मैनपुर क्षेत्र के डडईपानी जंगल में विशेष क्षेत्र प्रभुत्व एवं सर्च अभियान शुरू किया। यह क्षेत्र कुल्हारीघाट कैम्प से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है।

सर्च अभियान के दौरान 12 जून को दंद्रईपानी जंगल में सुरक्षा बलों को एक संदिग्ध परित्यक्त डम्प दिखाई दिया। मौके पर मौजूद बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) ने जांच की तो उसमें विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और सामग्री की विस्तृत जांच की गई।

बरामद डम्प से प्रेशर आईईडी और कुकर आईईडी सहित कई प्रकार के विस्फोटक उपकरण मिले। इसके अलावा भरमार रायफल, इंटरसेप्टर, यूबीजीएल राउंड, रायफल मैगजीन, कमर्शियल कोडेक्स वायर, गन पाउडर, पटाखे, दवाइयां और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री भी बरामद की गई। सुरक्षा बलों का मानना है कि इन सामग्रियों का उपयोग नक्सली संगठन भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए कर सकते थे।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, जंगल में छिपाकर रखी गई यह सामग्री सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती थी। समय रहते इसकी बरामदगी और निष्क्रियकरण से संभावित जान-माल के नुकसान को रोका जा सका। बरामद सामग्री को नियमानुसार जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

गरियाबंद जिले में पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। संयुक्त अभियानों के चलते नक्सली संगठनों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है और कई क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी कमजोर हुई है।

सुरक्षा बलों का कहना है कि क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्रियों की खोज कर उन्हें निष्क्रिय करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण मजबूत करने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं।