पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना अंडा और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कुथरेल और अंडा क्षेत्र में अवैध रूप से गुटका निर्माण एवं पैकेजिंग का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दोनों स्थानों पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से गुटका निर्माण में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कच्चे माल, रसायन, पैकेजिंग सामग्री, निर्माण मशीनें तथा बड़ी मात्रा में तैयार और अर्द्धनिर्मित गुटका उत्पाद बरामद किए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित इकाइयां बिना वैधानिक अनुमति और आवश्यक लाइसेंस के संचालित की जा रही थीं।
पुलिस ने मौके से बरामद समस्त सामग्री को जब्त कर लिया और अवैध कारोबार में संलिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बिरेन्द्र तिवारी, सुभाष कुमार गौतम, सुनील कुमार राजपूत, करण राजपूत, राजू मस्ताना, राजकुमार यादव, रमेश कुमार निषाद, सतेन्द्र कुमार यादव, सोनू यादव और बसंत राजपूत शामिल हैं। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी बताए गए हैं।
मामले में थाना अंडा में अपराध क्रमांक 63/2026 और 64/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क का संचालन कितने समय से किया जा रहा था तथा इसके पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से गुटका निर्माण और पैकेजिंग का कारोबार चला रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध तंबाकू उत्पादों के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई में शामिल थाना अंडा और एसीसीयू टीम की सराहना करते हुए कहा कि प्रभावी सूचना संकलन और त्वरित कार्रवाई के कारण इस अवैध गतिविधि का सफलतापूर्वक खुलासा संभव हो पाया।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का निर्माण, भंडारण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।