डोंगरगढ़ में अवैध खाद भंडारण का भंडाफोड़, 450 बोरी खाद जब्त, गोदाम सील

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र में कृषि विभाग ने अवैध खाद भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम छिपा में एक गोदाम सील कर दिया। छापेमारी के दौरान करीब 450 बोरी खाद बरामद की गई, जबकि संबंधित व्यक्ति वैध दस्तावेज और लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। विभाग ने कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंका जताते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

May 26, 2026 - 12:02
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डोंगरगढ़ में अवैध खाद भंडारण का भंडाफोड़, 450 बोरी खाद जब्त, गोदाम सील

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल l राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र से अवैध खाद भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग की टीम ने ग्राम छिपा में छापेमारी कर करीब 450 बोरी खाद जब्त की है और मौके पर स्थित गोदाम को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और किसानों के बीच खाद की कालाबाजारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार कृषि विभाग को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में कुछ लोग बिना वैध लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेजों के खाद का अवैध भंडारण कर रहे हैं। आरोप यह भी था कि खेती के सीजन में खाद की कृत्रिम कमी पैदा कर अधिक कीमतों पर बिक्री की तैयारी की जा रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने जांच शुरू की और ग्राम छिपा निवासी ओमकार लिल्हारे के गोदाम पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों को गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद का स्टॉक मिला। प्रारंभिक जांच में करीब 450 बोरी खाद बरामद हुई। जब विभागीय अधिकारियों ने संबंधित व्यक्ति से खाद के खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रसीदें और लाइसेंस मांगे, तो मौके पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों के लिए निर्धारित खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बिना लाइसेंस खाद भंडारण और संभावित कालाबाजारी का प्रतीत हो रहा है। संबंधित व्यक्ति से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों का कहना है कि हर साल खेती के मौसम में खाद की कमी की समस्या सामने आती है। कई बार जरूरत के समय खाद उपलब्ध नहीं हो पाती, जबकि कुछ लोग बड़े पैमाने पर भंडारण कर कृत्रिम संकट पैदा करते हैं। किसानों का आरोप है कि ऐसी गतिविधियों के कारण उन्हें अधिक कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है और फसल उत्पादन प्रभावित होता है।

एक किसान ने कहा कि यदि समय पर खाद नहीं मिले तो फसल पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कृषि विभाग की कार्रवाई का स्वागत करते हुए मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की। हालांकि किसान के बयान में “हत्या की जांच” शब्द का उल्लेख सामने आया, लेकिन मामले का संबंध खाद भंडारण से होने के कारण स्थानीय लोग इसे जांच प्रक्रिया में हुई बोलचाल की त्रुटि मान रहे हैं।

फिलहाल कृषि विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अवैध भंडारण और कालाबाजारी के आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि खाद की अवैध बिक्री या जमाखोरी की जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।