धमतरी में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ सेंटर निर्माण अंतिम चरण में

धमतरी नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए दानीटोला वार्ड में एनिमल बर्थ सेंटर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। एक सप्ताह में कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

Mar 18, 2026 - 18:44
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धमतरी में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ सेंटर निर्माण अंतिम चरण में

UNITED N EWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी। शहर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिक निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। शासन के निर्देशों के तहत दानीटोला वार्ड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में एनिमल बर्थ सेंटर (ABC सेंटर) का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

यह केंद्र शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और डॉग बाइट की घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए नगर निगम आयुक्त प्रिया गोयल और उपायुक्त पी.सी. सार्वा मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

अधिकारियों के अनुसार, एनिमल बर्थ सेंटर का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके शुरू होते ही नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी (स्टरलाइजेशन) और टीकाकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशु कल्याण के मानकों का पालन करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, नसबंदी और टीकाकरण के माध्यम से न केवल कुत्तों की आबादी नियंत्रित होती है, बल्कि रेबीज जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे आवारा पशुओं से संबंधित किसी भी समस्या या जानकारी को निगम के साथ साझा करें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

यह पहल शहर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या लंबे समय से नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।

यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो इससे न केवल शहर में सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि पशु संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में भी एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित होगा।