देवर्षि नारद जयंती पर पत्रकार सम्मान समारोह, प्रशांत शर्मा को मिला आद्य पत्रकार पुरस्कार
रायपुर में आयोजित देवर्षि नारद जयंती पत्रकार सम्मान समारोह 2026 में वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा को आद्य पत्रकार देवर्षि नारद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मीडिया की स्वतंत्रता, फेक न्यूज, डिजिटल पत्रकारिता और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर चर्चा हुई।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के विमतारा हॉल में देवर्षि नारद जयंती पत्रकार सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों का सम्मान किया गया तथा मीडिया की वर्तमान चुनौतियों, लोकतंत्र में उसकी भूमिका और डिजिटल युग में बदलते परिदृश्य पर विस्तृत चर्चा हुई।
समारोह में आईआईआईटी नवा रायपुर के कुलपति एवं निदेशक ओमप्रकाश व्यास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि डीडी न्यूज़ दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार संपादक एवं लेखक प्रखर श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्ण दास ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए आद्य पत्रकार देवर्षि नारद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा आकांक्षा तिवारी को वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय बबन प्रसाद मिश्रा स्मृति पुरस्कार तथा रुपेश यादव को वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रमेश नैयर स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। सम्मानित पत्रकारों को उनके कार्यों और पत्रकारिता के प्रति समर्पण के लिए सराहा गया।
मुख्य वक्ता प्रखर श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में मीडिया स्वतंत्रता और प्रेस फ्रीडम इंडेक्स को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रेस फ्रीडम इंडेक्स सीमित आंकड़ों और चुनिंदा स्रोतों के आधार पर तैयार किया जाता है तथा कई बार यह भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता। उनके अनुसार भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौजूद है और विभिन्न विचारों को सार्वजनिक रूप से रखने का अवसर उपलब्ध है।
उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और राजनीतिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि समय के साथ मीडिया की कार्यप्रणाली में कई बदलाव आए हैं। उन्होंने पूर्व और वर्तमान व्यवस्थाओं की तुलना करते हुए मीडिया और सत्ता के संबंधों पर भी अपनी राय रखी। अपने संबोधन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग, भारत की वैश्विक छवि और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओमप्रकाश व्यास ने डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में फेक न्यूज एक गंभीर समस्या बनकर उभरी है, जिससे समाज और मीडिया दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खबरों की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता बनाए रखना पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
ओमप्रकाश व्यास ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकनीक जहां कई अवसर प्रदान कर रही है, वहीं सूचना की सत्यता और विश्वसनीयता को लेकर नई चुनौतियां भी सामने ला रही है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्य आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, मीडिया प्रतिनिधि और पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने भाग लिया। समारोह के दौरान पत्रकारिता के मूल्यों, निष्पक्षता, विश्वसनीयता और लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजन का समापन सम्मान समारोह और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।