दिल्ली ब्लास्ट केस में डॉ. उमर का साथी शोएब गिरफ्तार, आतंकी नेटवर्क में डॉक्टरों की गहरी साजिश बेनकाब
NIA ने दिल्ली ब्लास्ट केस में डॉ. उमर नबी के सहयोगी शोएब को गिरफ्तार किया। शोएब ने आतंकी उमर को सामान लाने–ले जाने और किराए का कमरा दिलाने में मदद की थी। पूछताछ में आतंक नेटवर्क में शामिल कई डॉक्टरों की भूमिका उजागर हुई है। NIA अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कई स्थानों की निशानदेही कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA ने आतंकी डॉ. उमर नबी के साथी शोएब को गिरफ्तार किया है। शोएब फरीदाबाद के धौज गांव का रहने वाला और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वार्ड बॉय था। उस पर आरोप है कि उसने उमर को सामान लाने–ले जाने में मदद की और नूंह में अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया, जहाँ उमर ब्लास्ट से पहले दस दिन तक रहा। विस्फोट वाले दिन भी उमर नूंह से दिल्ली गया था।
जांच में सामने आया है कि आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. मुजम्मिल शकील की निशानदेही पर NIA अब डॉ. आदिल अहमद और लेडी डॉक्टर शाहीन सईद को अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले जाएगी। जानकारी के अनुसार, डॉ. आदिल और उमर कई सालों से दोस्त थे और यूनिवर्सिटी में कई बार मिलते थे।
आदिल की मुलाकात यहीं मुजम्मिल और शाहीन से हुई और वह कई बार हॉस्टल फ्लैट में रुका। जांच में पता चला कि आदिल ने ही फतेहपुरा तगा और धौज गांव में विस्फोट की योजना सुझाई, क्योंकि यहाँ बिना कागजों के आसानी से कमरे मिल जाते हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी पुलिस ने 26 अक्टूबर को आदिल को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था और उसके घर से AK-47 भी मिली थी। आदिल की गिरफ्तारी के बाद फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री मिलने का मामला भी खुला।
पूछताछ में आदिल ने अन्य डॉक्टरों के नाम और विस्फोटक ठिकानों की जानकारी दी, जिसके बाद मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया। शाहीन सईद पर युवाओं को ब्रेनवॉश कर नेटवर्क में जोड़ने का आरोप है और वह यूनिवर्सिटी की करिकुलम कमेटी में पदस्थ थी। NIA अब यह पता लगा रही है कि शाहीन किससे मिलती थी,
बैठकों में कौन शामिल था और उसकी कार से बरामद हथियार कैंपस तक कैसे पहुंचे। इस बीच NIA ने 24 नवंबर को मुजम्मिल को फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोहना और फतेहपुर तगा में निशानदेही के लिए लेकर जांच की। उसने बताया कि जनवरी–फरवरी 2023 में उसने लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार से अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की गतिविधियों, मूवमेंट और यूनिवर्सिटी में छिपाए गए हथियारों के स्थानों की गहराई से पड़ताल कर रही है।