गरियाबंद के ग्रामीणों के खून से लिखे पत्र पर कांग्रेस का सवाल, बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा
गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के ग्रामीणों द्वारा बिजली की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखे जाने के मामले में कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने और समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के ग्रामीणों द्वारा बिजली की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखे जाने की घटना को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि ग्रामीणों को अपनी मूलभूत सुविधा के लिए इस प्रकार का कदम उठाना पड़ रहा है तो यह चिंता का विषय है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मैनपुर ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों और गांवों के ग्रामीण लंबे समय से बिजली सुविधा की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि क्षेत्र के लोगों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसी कारण ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखकर अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न मंचों पर सुशासन और विकास के दावे किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्टी का कहना है कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान हो जाता तो उन्हें इस प्रकार का कदम उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
धनंजय सिंह ठाकुर ने दावा किया कि ग्रामीणों को पहले प्रशासन द्वारा बिजली समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत है कि क्षेत्र विशेष से जुड़े विभिन्न कारणों का हवाला देकर समस्या का समाधान टालने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस ने सुझाव दिया कि यदि पारंपरिक बिजली आपूर्ति व्यवस्था स्थापित करने में किसी प्रकार की तकनीकी या भौगोलिक कठिनाई है तो वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है। पार्टी का कहना है कि सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात करती है, इसलिए ऐसे क्षेत्रों में घर-घर सोलर पैनल लगाने की योजना पर विचार किया जा सकता है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था से ग्रामीणों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली बिल के बोझ से भी राहत मिल सकती है। कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
पार्टी ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ऐसे क्षेत्रों की समस्याओं का निराकरण करना चाहिए।
हालांकि, कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों पर राज्य सरकार या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति और समाधान की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों को लेकर स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हुई हैं।
फिलहाल, गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में बिजली सुविधा का मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है तथा ग्रामीणों की मांगों को लेकर बहस तेज हो गई है।