इजरायल भर्ती विज्ञापन पर कांग्रेस ने जताई चिंता, नर्सिंग पेशे की गरिमा और सुरक्षा का उठाया मुद्दा

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने इजरायल में होम केयरगिवर भर्ती विज्ञापन को लेकर चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस ने नर्सिंग योग्यताधारी अभ्यर्थियों से घरेलू कार्य करवाने की शर्तों और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है।

Jun 14, 2026 - 11:39
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इजरायल भर्ती विज्ञापन पर कांग्रेस ने जताई चिंता, नर्सिंग पेशे की गरिमा और सुरक्षा का उठाया मुद्दा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने इजरायल में होम केयरगिवर पदों पर भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने राज्यपाल को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कराने तथा नर्सिंग पेशे की गरिमा और अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा इजरायल में होम केयरगिवर भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, नर्स असिस्टेंट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी योग्यताओं वाले अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए पात्र बताया गया है। कांग्रेस का कहना है कि विज्ञापन में रोगी देखभाल के अलावा खाना बनाना, घर की सफाई, कपड़े धोना, खरीदारी करना और अन्य घरेलू कार्य भी कार्य-दायित्वों में शामिल किए गए हैं।

राकेश गुप्ता ने पत्र में कहा है कि नर्सिंग एक पेशेवर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र है, जिसमें प्रशिक्षित कर्मी रोगियों की चिकित्सा और देखभाल से जुड़े कार्य करते हैं। ऐसे में नर्सिंग योग्यताधारी अभ्यर्थियों से घरेलू कार्य कराए जाने की संभावना नर्सिंग पेशे की गरिमा और पहचान को प्रभावित कर सकती है।

कांग्रेस ने इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई बिंदुओं पर चिंता व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को घरेलू कार्यों में लगाना उनके पेशेवर कौशल का उचित उपयोग नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही कार्य-दायित्वों में प्रयुक्त कुछ शब्दों को अस्पष्ट बताते हुए यह आशंका जताई गई है कि इससे कार्य के दायरे को लेकर भ्रम और संभावित शोषण की स्थिति पैदा हो सकती है।

प्रेस विज्ञप्ति में इजरायल की वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि क्षेत्र में समय-समय पर सुरक्षा चुनौतियां और तनावपूर्ण हालात सामने आते रहे हैं। ऐसे में विदेश भेजे जाने वाले अभ्यर्थियों, विशेषकर महिला उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट प्रावधान आवश्यक हैं।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के लिए बीमा, कानूनी संरक्षण, आपातकालीन सहायता, शिकायत निवारण व्यवस्था और भारतीय दूतावास की सहायता जैसे पहलुओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि इन विषयों पर पारदर्शिता आवश्यक है ताकि उम्मीदवार पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।

राकेश गुप्ता ने राज्यपाल से भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा, कार्य-दायित्वों की स्पष्ट परिभाषा, सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी सार्वजनिक करने तथा भारतीय नर्सिंग परिषद और राज्य नर्सिंग परिषद से परामर्श लेने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य के नर्सिंग विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।