बिजली दर वृद्धि पर कांग्रेस का हमला, महंगाई से जूझ रही जनता का उपहास बता रही भाजपा

प्रदेश कांग्रेस ने बिजली दरों में वृद्धि को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार लगातार बिजली महंगी कर रही है, जबकि स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं। पार्टी ने बिजली दर वृद्धि वापस लेने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है।

Jun 19, 2026 - 12:17
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बिजली दर वृद्धि पर कांग्रेस का हमला, महंगाई से जूझ रही जनता का उपहास बता रही भाजपा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बिजली दरों में हालिया वृद्धि को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार बिजली की बढ़ी हुई दरों को विकास से जोड़कर महंगाई से परेशान जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। पार्टी ने दावा किया कि लगातार बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर से जुड़े विवादों ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। उनका आरोप है कि पहले संचालित योजनाओं को बंद करने के बाद अब जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के मामले में समृद्ध राज्य है और यहां कोयला, भूमि तथा मानव संसाधनों का उपयोग कर बिजली का उत्पादन किया जाता है, इसके बावजूद उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिजली वितरण व्यवस्था में कई प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्टी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अनेक उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कुछ मामलों में खपत कम होने के बावजूद अधिक बिल जारी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कई उपभोक्ताओं को एक ही अवधि के लिए अलग-अलग माध्यमों से भिन्न राशि के बिल प्राप्त होने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंधित भार क्षमता बढ़ा दी गई, जिससे अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड भी जोड़े गए हैं। कांग्रेस ने इन मामलों की जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सामान्य से अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिलों का भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करने, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सेवा आम लोगों की पहुंच में रहनी चाहिए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही बहस के बीच अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच यह विषय प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।