फ्री कोचिंग योजना पर कांग्रेस का हमला, कहा—युवाओं को गुमराह कर रही भाजपा सरकार
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की फ्री कोचिंग योजना को लेकर कांग्रेस ने इसे दिखावा बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार, पारदर्शी भर्ती और पेपर लीक रोकने में विफल रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए घोषित फ्री कोचिंग योजना को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने इस योजना को महज दिखावा और युवाओं को गुमराह करने वाला कदम बताया है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा “शिखर, मंजिल और उड़ान” योजना के तहत यूपीएससी, पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग की घोषणा की गई है, लेकिन यह योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी साबित नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने पिछले वादों को पूरा करने में असफल रही है और अब नई घोषणाओं के जरिए अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने हर वर्ष 20,000 युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन पिछले दो वर्षों में यह वादा पूरा नहीं हुआ। प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगारी और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार केवल योजनाओं की घोषणा कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, पुलिस भर्ती और माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं। पेपर लीक की घटनाओं पर भी सरकार नियंत्रण नहीं कर पाई है। ऐसे में फ्री कोचिंग जैसी योजनाएं युवाओं के लिए कोई ठोस समाधान नहीं हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह योजना प्रदेश के लाखों युवाओं को लाभ पहुंचा पाएगी या केवल कुछ सीमित विद्यार्थियों तक ही सिमट कर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का स्वरूप देखने से यह प्रतीत होता है कि यह भी अन्य योजनाओं की तरह कागजों तक ही सीमित रह सकती है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जब तक नियमित भर्तियां नहीं होंगी, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक युवाओं को वास्तविक राहत नहीं मिल सकती। उन्होंने सरकार से मांग की कि पहले भर्ती व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय युवाओं के लिए निरंतर भर्ती प्रक्रियाएं चलाई गईं, प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क माफ किए गए और शिक्षा व कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। आत्मानंद जैसे शिक्षण संस्थानों की स्थापना भी युवाओं के हित में की गई थी।
कांग्रेस ने सरकार से अपील की है कि वह केवल घोषणाओं और प्रचार पर ध्यान न देकर ठोस कार्ययोजना तैयार करे और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करे, ताकि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।