यह व्यवस्था पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल और अमित पटेल एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई है। पूरे मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर विशेष रणनीति अपनाई गई है।
महोत्सव स्थल पर विभिन्न स्थानों पर वर्दीधारी पुलिस के साथ-साथ सादे कपड़ों में जवान, महिला पुलिस बल, यातायात पुलिस और विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है। इन टीमों का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, असामाजिक गतिविधियों या आपात स्थिति पर तुरंत नियंत्रण करना है।
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए महोत्सव स्थल पर तीन अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किया गया है, जबकि मंचीय अतिथियों और कलाकारों के लिए पृथक प्रवेश द्वार बनाया गया है। इसके अलावा वीआईपी और मीडिया कर्मियों के लिए अलग पार्किंग और प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे और आवागमन सुचारु बना रहे।
पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और CCTV कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आमजन की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की उपद्रवी गतिविधि, चोरी, छेड़छाड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने असामाजिक तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
साथ ही महोत्सव में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे शांति और अनुशासन बनाए रखें, पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस अधिकारी या कंट्रोल रूम को दें।
कबीरधाम पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भोरमदेव महोत्सव सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो तथा आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो सके।