मंत्री के पत्र के बावजूद भिलाई बाजार के भू-विस्थापितों को रोजगार का इंतजार, कलेक्टर से मांगा कार्रवाई का हिसाब

SECL गेवऱा परियोजना से प्रभावित भिलाई बाजार के भू-विस्थापित परिवारों ने रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। ग्राम पंचायत ने मंत्री लखन लाल देवांगन के 3 अगस्त 2025 के पत्र का हवाला देते हुए अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। प्रभावित परिवारों ने ग्राम सभा की अनुशंसा, मिशल बंदोबस्त और वर्ष 2011 के सर्वे में दर्ज परिवारों को रोजगार प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की मांग की है।

Aug 11, 2026 - 10:51
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मंत्री के पत्र के बावजूद भिलाई बाजार के भू-विस्थापितों को रोजगार का इंतजार, कलेक्टर से मांगा कार्रवाई का हिसाब

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l SECL गेवऱा परियोजना की खनन गतिविधियों से प्रभावित ग्राम पंचायत भिलाई बाजार के भू-विस्थापित परिवारों का रोजगार का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। प्रभावित परिवारों की ओर से ग्राम पंचायत ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर रोजगार प्रक्रिया में प्राथमिकता देने और इस संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि भिलाई बाजार के प्रभावित परिवार लंबे समय से रोजगार की मांग शासन और प्रशासन के समक्ष रखते आ रहे हैं। प्रभावित परिवारों के हित में ग्राम सभा की ओर से भी अनुशंसा और प्रस्ताव पारित किए जाने की बात आवेदन में कही गई है। इसके बावजूद रोजगार के मामले में स्पष्ट निर्णय नहीं होने को लेकर परिवारों में असंतोष है।

मंत्री के पत्र का दिया गया हवाला

ग्राम पंचायत ने अपने आवेदन में वाणिज्यिक कर एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के पत्र का भी उल्लेख किया है। आवेदन के अनुसार, मंत्री ने 3 अगस्त 2025 को कलेक्टर कोरबा को पत्र भेजकर ग्राम भिलाई बाजार के भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा था।

आवेदन में दावा किया गया है कि पत्र के माध्यम से मिशल बंदोबस्तधारी परिवारों, ग्राम के वास्तविक मूल निवासी भू-विस्थापित परिवारों तथा वर्ष 2011 के सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना एवं सर्वे में दर्ज प्रभावित परिवारों को रोजगार प्रक्रिया में प्राथमिकता देने का विषय उठाया गया था।

कार्रवाई की जानकारी मांगने पर जोर

ग्राम पंचायत ने कलेक्टर से पूछा है कि मंत्री के पत्र के बाद जिला प्रशासन की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई। साथ ही यह जानकारी भी मांगी गई है कि पत्र को किस अधिकारी या विभाग को भेजा गया और इस संबंध में SECL की ओर से कोई जवाब प्राप्त हुआ है या नहीं।

आवेदनकर्ताओं का कहना है कि यदि मंत्री के पत्र के बावजूद प्रभावित परिवारों के रोजगार को लेकर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, तो प्रशासन को इसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

तीन प्रमुख मांगें

ग्राम पंचायत भिलाई बाजार ने कलेक्टर के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, मंत्री लखन लाल देवांगन के 3 अगस्त 2025 के पत्र पर अब तक हुई संपूर्ण कार्रवाई की जानकारी दी जाए। दूसरी, ग्राम सभा द्वारा की गई अनुशंसा और प्रस्ताव को रोजगार प्रक्रिया में शामिल कर उस पर निर्णय लिया जाए। तीसरी, भिलाई बाजार के मिशल बंदोबस्तधारी परिवारों की सूची तैयार अथवा सत्यापित कर उन्हें रोजगार के लिए प्राथमिकता के आधार पर पात्रता में शामिल किया जाए।

इसके अलावा प्रभावित परिवारों को लिखित रूप से यह जानकारी देने की मांग की गई है कि रोजगार के संबंध में आगे की प्रक्रिया क्या होगी।

ग्राम पंचायत का कहना है कि प्रभावित परिवारों के हित में ग्राम सभा की अनुशंसा, मिशल बंदोबस्त तथा वर्ष 2011 के सर्वे में दर्ज वास्तविक प्रभावित परिवारों के आधार पर रोजगार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।

10 अगस्त 2026 को दिए गए आवेदन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी (राजस्व), कटघोरा तथा कटघोरा क्षेत्र के विधायक प्रेम चंद पटेल को भी भेजी गई है। अब प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से मिलने वाले जवाब और आगामी कार्रवाई का इंतजार है।