भेरूंदा में भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व

भेरूंदा नगर में ईद-उल-अजहा का त्योहार उत्साह, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। ईदगाह और जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली।

May 28, 2026 - 12:30
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भेरूंदा में भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व

UNITED NEWS OF ASIA. घनश्याम शर्मा, भेरूंदा l  भेरूंदा नगर में ईद-उल-अजहा का पर्व इस वर्ष भी बड़े उत्साह, भाईचारे और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। नगर में सुबह से ही त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मुस्लिम समाज के लोगों ने नए कपड़े पहनकर ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।

नगर में दो प्रमुख स्थानों पर ईद की नमाज अदा की गई। सुबह 7:05 बजे ईदगाह में ईद की विशेष नमाज हुई, जबकि सुबह 7:30 बजे मुस्लिम मोहल्ला स्थित जामा मस्जिद में नमाज अदा की गई। दोनों स्थानों पर हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद रहे। नमाज के दौरान लोगों ने मुल्क की सलामती, भाईचारे और समाज में शांति बनाए रखने की दुआ की।

नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कई परिवारों ने अपने घरों में विशेष पकवान तैयार किए और रिश्तेदारों तथा परिचितों के साथ खुशियां साझा कीं। पूरे नगर में त्योहार का माहौल नजर आया और लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

ईद के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। नगर के कई हिंदू समाज के लोगों ने मुस्लिम भाइयों को ईद की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम व सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया। लोगों ने कहा कि सभी धर्म हमें प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का रास्ता दिखाते हैं और त्योहार समाज को एकजुट करने का माध्यम बनते हैं।

नगर में त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। नमाज स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

ईद-उल-अजहा के मौके पर लोगों ने देश में शांति और विकास की कामना की। समाज के बुजुर्गों ने युवाओं को आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश देते हुए कहा कि त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी होते हैं।

भेरूंदा नगर में मनाए गए इस पर्व ने एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। अलग-अलग समुदायों के लोगों ने मिलकर यह संदेश दिया कि आपसी प्रेम, सम्मान और सौहार्द ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। पूरे नगर में दिनभर खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा और लोगों ने मिलजुलकर ईद का पर्व मनाया।