बाल विवाह मुक्त और सशक्त समाज की दिशा में सूरजपुर की पहल, पंचवटी में जागरूकता शिविर आयोजित

सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत पंचवटी में आयोजित जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को बाल विवाह रोकथाम, महिला सुरक्षा, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता बढ़ाकर बाल विवाह मुक्त और सशक्त समाज का निर्माण करना रहा।

Jun 24, 2026 - 12:36
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बाल विवाह मुक्त और सशक्त समाज की दिशा में सूरजपुर की पहल, पंचवटी में जागरूकता शिविर आयोजित

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महिला एवं बाल विकास से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के उद्देश्य से सूरजपुर जिले के विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत पंचवटी में बाल विवाह रोकथाम एवं महिला सशक्तिकरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम सभा के दौरान आयोजित इस शिविर में महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीणों को बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना था। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन करता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।

वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ फरजाना ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से जागरूक रहने की अपील की और बच्चों को ‘गुड टच’ एवं ‘बैड टच’ की महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन सेवा 112 का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम और सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ सलोनी कुजूर ने ग्रामीणों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन ई-केवाईसी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला होती हैं। इसलिए बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रत्येक परिवार और समाज की जिम्मेदारी है।

शिविर में साइबर सुरक्षा विषय पर भी विशेष चर्चा की गई। ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, साइबर अपराध और डिजिटल लेन-देन से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरूक किया गया। साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देते हुए लोगों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल शिकायत करने की सलाह दी गई।

इस अवसर पर विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित ब्रोशर और जानकारी पत्रक वितरित किए गए। ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, नशा मुक्ति को अपनाने तथा सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में सरपंच लालमन सिंह, सचिव सुखनंदन सिंह, जिला पंचायत ऑडिटर प्रदीप सिंह सहित अन्य अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सामूहिक जनजागरण और जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। यह पहल बाल विवाह मुक्त, सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।