वीबी-जीरामजी योजना लागू, ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 जुलाई 2026 से वीबी-जीरामजी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना लागू कर दी है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजा दिया जाएगा। भाजपा नेताओं ने इसे ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Jul 1, 2026 - 15:22
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वीबी-जीरामजी योजना लागू, ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और गांवों के समग्र विकास को गति देना है।

योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी पात्र परिवार को मांग के बावजूद निर्धारित समय के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा मजदूरी भुगतान में देरी होने की स्थिति में प्रत्येक विलंबित दिन के लिए मुआवजा देने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और रोजगार गारंटी व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख और जनसेवक राकेश यादव ने संयुक्त रूप से योजना का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

यशवंत जैन ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि रोजगार की गारंटी के साथ श्रमिकों के अधिकारों को भी मजबूत किया गया है। रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजा जैसी व्यवस्थाएं श्रमिक हितों की रक्षा करेंगी।

चेमन देशमुख ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला स्तर पर प्रशिक्षण, बैठकें तथा ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी।

राकेश यादव ने कहा कि योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित सभी कार्य पूर्ववत जारी रहेंगे तथा नई योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और अधिक बढ़ेंगे।

नेताओं ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायतों को सशक्त बनाने, विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी पात्र ग्रामीण परिवारों से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठाने और ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।