सरहदी गांवों में रात्रि प्रवास कर पुलिस अधीक्षक ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने पूर्व नक्सल प्रभावित सरहदी गांवों में रात्रि प्रवास कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया तथा बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की।

Jun 20, 2026 - 16:51
Jun 20, 2026 - 16:52
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सरहदी गांवों में रात्रि प्रवास कर पुलिस अधीक्षक ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं को समझने के उद्देश्य से पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा से लगे गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम लाछा, मराडबरा और उमरझोला में रात्रि प्रवास कर ग्रामीणों एवं विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लोगों से सीधा संवाद किया।

पुलिस अधीक्षक ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने भी अपने बीच पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया।

दौरे के दौरान धर्मेंद्र सिंह थाना झलमला क्षेत्र के ग्राम सोनवाही, बंदूकुंदा, सिलहरी तथा मध्यप्रदेश सीमा से लगे अन्य सरहदी गांवों में भी पहुंचे। यहां आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने पालकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

पुलिस अधीक्षक ने अस्थायी प्राथमिक कोचिंग सेंटर बंदूकुंदा का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन करने, अनुशासन बनाए रखने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक उनसे संवाद किया।

बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने ग्रामीणों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कुओं, झिरियों और बोरिंग के पानी को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किया जाए तथा केवल स्वच्छ और शुद्ध पेयजल का ही सेवन किया जाए। उन्होंने ग्रामीणों से आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की भी अपील की।

धर्मेंद्र सिंह ने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाते हुए कहा कि सांप, बिच्छू या अन्य जहरीले जीवों के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में उपचार कराना चाहिए। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से कई गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।

दौरे के दौरान उन्होंने क्षेत्र के आश्रम और छात्रावासों का भी निरीक्षण किया। छात्रावास अधीक्षकों को स्वच्छता बनाए रखने, विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को आश्रम और छात्रावासों में प्रवेश दिलाने का भी आग्रह किया ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। उनका यह सरहदी क्षेत्रों का दौरा पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास, सहयोग और सहभागिता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।