एसबीआई की वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा कार्यशाला, जवानों को बचत और डिजिटल सुरक्षा की दी जानकारी
भारतीय स्टेट बैंक की टीम ने वित्तीय सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित कर जवानों को बचत, निवेश योजनाओं और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में दिवंगत जवानों के आश्रितों को बीमा राशि के चेक भी वितरित किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनांदगांव l भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), राजनांदगांव की टीम द्वारा वित्तीय सशक्तिकरण एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों और जवानों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं, निवेश योजनाओं तथा डिजिटल लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान बैंक अधिकारियों ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नियमित बचत और योजनाबद्ध निवेश के माध्यम से भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाया जा सकता है। अधिकारियों ने एसबीआई सैलरी पैकेज, बचत खाता, सावधि जमा (एफडी), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) जैसी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
बैंक अधिकारियों ने एसबीआई के डिजिटल प्लेटफॉर्म YONO ऐप की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से ग्राहक घर बैठे निवेश कर सकते हैं और ऑटो-स्वीप जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। कम आय में भी नियमित बचत और सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए बेहतर वित्तीय भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यशाला का दूसरा महत्वपूर्ण सत्र साइबर सुरक्षा पर केंद्रित रहा। इस दौरान अधिकारियों ने ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के दौरान होने वाली धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को ओटीपी, यूपीआई पिन, फिशिंग ईमेल, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से होने वाले जोखिमों के बारे में विस्तार से बताया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एसबीआई कभी भी फोन कॉल, मैसेज या ईमेल के माध्यम से ग्राहकों से ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसबीआई ब्रांच मैनेजर रजनीश सोनी और असिस्टेंट मैनेजर प्रियंका ने कहा कि जो जवान देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उनकी आर्थिक सुरक्षा और बचत को सुरक्षित रखना भी बैंक की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एसबीआई अपने ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं और सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
इस अवसर पर पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत दो दिवंगत जवानों के आश्रितों को बीमा राशि के चेक भी प्रदान किए गए। यह सम्मानजनक वितरण समारोह इकाई की सेनानी नेहा पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस पहल की उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने सराहना की।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी उप सेनानी सारिका वैद्य, सहायक सेनानी एच.के. टोंडर तथा बी.एल. भोई सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में जवानों और अधिकारियों ने कार्यशाला में भाग लिया और इसे वित्तीय जागरूकता एवं डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक उपयोगी और प्रभावी पहल बताया।