रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को राहत, अतिरिक्त बिजली के बदले बिलों में मिलेगा क्रेडिट

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त बिजली की खरीद दर तय कर दी गई है। ग्रिड में भेजी गई अधिशेष बिजली का बायबैक कर उसकी राशि आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस प्रक्रिया को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

Jul 1, 2026 - 16:41
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रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को राहत, अतिरिक्त बिजली के बदले बिलों में मिलेगा क्रेडिट

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सौर ऊर्जा की खरीद दर निर्धारित कर दी है। इसके बाद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने इस दर को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद पात्र उपभोक्ताओं को इसकी राशि आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में दिखाई देगी।

राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र से उत्पन्न बिजली का सबसे पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन किया जाता है। यदि खपत पूरी होने के बाद भी अतिरिक्त बिजली बचती है, तो वह बिजली ग्रिड में चली जाती है और उसकी यूनिट उपभोक्ता के खाते में दर्ज होती रहती है।

उन्होंने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष के अंत में उपभोक्ता के खाते में जमा अतिरिक्त यूनिट का निर्धारित दर पर बायबैक किया जाता है। इसके बदले मिलने वाली राशि उपभोक्ता के खाते में सुरक्षित रखी जाती है और बाद में आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित कर दी जाती है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में सीधा आर्थिक लाभ मिलता है।

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अनुसार प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से शुरू किया जाता है। इसलिए पिछले वित्तीय वर्ष की बची हुई यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में दिखाई नहीं देती। हालांकि उसका मूल्य सुरक्षित रहता है और नियमानुसार उपभोक्ता के बिजली बिल में क्रेडिट के रूप में जोड़ा जाता है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से संचालित की जाती है। योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलेगा और वे अतिरिक्त बिजली उत्पादन के लिए भी प्रेरित होंगे। साथ ही इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नेट मीटरिंग व्यवस्था और बायबैक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा के साथ अतिरिक्त आय का भी लाभ प्राप्त करें।