बारिश में सर्पदंश से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जिलेभर में जागरूकता अभियान शुरू
कबीरधाम जिले में बारिश के मौसम के दौरान सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। लोगों को बचाव के उपाय, समय पर उपचार और अस्पतालों में उपलब्ध एंटी स्नेक वेनम की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से बचते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की संभावित घटनाओं को देखते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन और जिला स्वास्थ्य समिति ने जिलेभर में विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनांचल में रहने वाले लोगों और आम नागरिकों को सर्पदंश से बचाव के उपायों तथा समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है।
जिला प्रशासन के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत गांव-गांव लोगों को बताया जा रहा है कि बारिश के मौसम में सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों, गोठानों और कई बार घरों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि सर्पदंश जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने बताया कि खेतों में कार्य करते समय किसानों को गमबूट या ऊंचे जूते पहनने चाहिए। झाड़ियों, लकड़ी के ढेर या गड्ढों में हाथ डालने से पहले डंडे से जांच करना जरूरी है। रात के समय बाहर निकलने पर टॉर्च का उपयोग करना चाहिए तथा घर और आसपास की नियमित साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने झाड़-झंखाड़ हटाने और खुले स्थान या सीधे फर्श पर सोने से बचने की भी सलाह दी।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय उसे शांत रखें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। प्रभावित स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना, कसकर रस्सी बांधना या झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों का सहारा लेना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए मरीज को निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाना चाहिए।
विभाग ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के उपचार के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा दल उपलब्ध हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की व्यवस्था भी की गई है। समय पर उपचार मिलने पर अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है और गंभीर जटिलताओं से भी बचाव संभव है। आवश्यकता पड़ने पर 108 या 112 नंबर पर कॉल कर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का लाभ लिया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सर्पदंश से बचाव संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर चिकित्सकीय उपचार ही सर्पदंश से होने वाली मौतों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान के माध्यम से लोगों को वैज्ञानिक जानकारी देकर अंधविश्वास से दूर रहने और समय पर अस्पताल पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।