अर्थिंग तार में करंट आने से 8 वर्षीय मासूम की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

कवर्धा जिले के कुकदुर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर गांव में बिजली पोल के अर्थिंग तार में करंट आने से 8 वर्षीय बालक श्रवण बैगा की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Jul 3, 2026 - 15:05
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अर्थिंग तार में करंट आने से 8 वर्षीय मासूम की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा जिले के कुकदुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नागाटोला माठपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव में बिजली पोल के अर्थिंग तार में करंट आने से 8 वर्षीय बालक श्रवण बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का कारण बताया है।

जानकारी के अनुसार, श्रवण बैगा गांव में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह बिजली पोल के अर्थिंग तार के संपर्क में आ गया। बताया जा रहा है कि अर्थिंग तार में अचानक करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से बालक गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही कुकदुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अर्थिंग तार में करंट कैसे आया।

घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था का नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव किया जाता तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं।

यह घटना बिजली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली के पोल, अर्थिंग सिस्टम और खुले विद्युत उपकरणों की नियमित जांच आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से जुड़े उपकरणों के रखरखाव पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं पूरे गांव में मासूम की असमय मौत से गहरा शोक व्याप्त है और परिजन सदमे में हैं।