भोरमदेव ईको ट्रेल 2026 का आगाज़ 4 जुलाई से, जंगल ट्रेक और मंदिर भ्रमण का मिलेगा अनूठा अनुभव

कबीरधाम जिले में प्रकृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 4 जुलाई से भोरमदेव ईको ट्रेल 2026 की शुरुआत होगी। हर शनिवार और रविवार आयोजित होने वाली इस पहल के तहत प्रतिभागियों को जंगल ट्रेक, पक्षी एवं तितली अवलोकन, औषधीय पौधों की जानकारी और विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर भ्रमण का अवसर मिलेगा। ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

Jul 3, 2026 - 14:57
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भोरमदेव ईको ट्रेल 2026 का आगाज़ 4 जुलाई से, जंगल ट्रेक और मंदिर भ्रमण का मिलेगा अनूठा अनुभव

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव वन्यजीव अभ्यारण्य में प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। वन विभाग द्वारा 4 जुलाई 2026 से भोरमदेव ईको ट्रेल 2026 का शुभारंभ किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को प्रकृति, वन्यजीवों और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना तथा जिम्मेदार ईको-पर्यटन को बढ़ावा देना है।

वन विभाग के अनुसार ईको ट्रेल का आयोजन प्रत्येक शनिवार और रविवार को भोरमदेव अभ्यारण्य के करियामा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से किया जाएगा। जुलाई माह के बाद भी यह गतिविधि नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताहांत संचालित होगी। प्रतिभागियों को प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ जंगल भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों, औषधीय पौधों, पक्षियों और तितलियों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही वन्यजीवों की उपस्थिति के संकेतों की पहचान और जैव विविधता संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया जाएगा

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे ईको बेस कैंप में प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग और स्वागत के साथ होगी। इसके बाद सुरक्षा संबंधी जानकारी और ट्रेल का परिचय दिया जाएगा। सुबह 8:30 बजे जंगल ट्रेक शुरू होगा, जिसमें प्रतिभागियों को प्राकृतिक वातावरण के बीच फोटोग्राफी, पक्षी अवलोकन, तितलियों की पहचान और वनस्पतियों के अध्ययन का अवसर मिलेगा।

दोपहर में प्रतिभागियों के लिए पारंपरिक स्थानीय व्यंजनों की व्यवस्था की गई है। भोजन के बाद प्रकृति व्याख्यान, सहभागिता गतिविधियां और नदी तट पर विश्राम का समय रहेगा। इसके बाद प्रतिभागियों को विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर और विरासत परिसर का भ्रमण कराया जाएगा। यहां मंदिर के इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस तरह प्रतिभागियों को एक ही दिन में प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर का समग्र अनुभव प्राप्त होगा।

ईको ट्रेल में शामिल होने के लिए प्रति प्रतिभागी शुल्क एक हजार रुपये निर्धारित किया गया है। सीमित सीटों को देखते हुए इच्छुक लोगों से समय रहते ऑनलाइन पंजीयन कराने की अपील की गई है। वन विभाग ने इसके लिए क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे प्रतिभागी अपने मोबाइल फोन से आसानी से पंजीयन कर सकते हैं।

वन विभाग ने प्रतिभागियों को ट्रेकिंग के दौरान वैध फोटो पहचान पत्र, स्पोर्ट्स जूते, हल्का बैग, पानी की बोतल, टोपी, धूप का चश्मा, रेनकोट, व्यक्तिगत दवाइयां तथा इच्छानुसार कैमरा या दूरबीन साथ रखने की सलाह दी है।

भोरमदेव ईको ट्रेल 2026 का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के महत्व और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। यह पहल कबीरधाम जिले में ईको-टूरिज्म को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।