8 महीने में 70 से अधिक निःशुल्क डायलिसिस: बुजुर्ग मरीज के लिए वरदान बनी जिला अस्पताल कबीरधाम की सुविधा
कबीरधाम जिला अस्पताल की निःशुल्क डायलिसिस सेवा ने 65 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को नया जीवन दिया है। पिछले आठ महीनों में 70 से अधिक बार मुफ्त डायलिसिस से दो लाख रुपये से अधिक की बचत हुई। यह सुविधा अब जिले के सैकड़ों किडनी रोगियों के लिए संजीवनी बन रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। पिछले आठ महीनों में 70 से अधिक बार निःशुल्क डायलिसिस—यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि 65 वर्षीय कुमार भास्कर के लिए जीवन को बचाए रखने की निरंतर कोशिश है। निजी अस्पतालों में यही इलाज कराया जाता तो दो लाख रुपये से अधिक का खर्च आता, जो उनके लिए असंभव था। जिला अस्पताल कबीरधाम की निःशुल्क डायलिसिस सुविधा आज उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
कबीरधाम जिले के ग्राम कवलपुर (कुंडा क्षेत्र) निवासी भास्कर लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। बीमारी की पहचान के बाद प्रारंभ में उन्हें इलाज के लिए रायपुर जाना पड़ता था। लंबा सफर, शारीरिक कमजोरी और बढ़ता इलाज खर्च उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया था। उनके दोनों बेटे खेती-किसानी कर परिवार चलाते हैं, जिनकी सीमित आय का अधिकांश हिस्सा इलाज में ही खर्च हो जाता था। कई बार आर्थिक तंगी के कारण जरूरी डायलिसिस तक टालनी पड़ती थी, जिससे उनकी सेहत और बिगड़ने लगी।
हालांकि, जब उन्हें जिला अस्पताल कबीरधाम में निःशुल्क डायलिसिस सेवा की जानकारी मिली, तो उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। अब वे नियमित रूप से यहीं डायलिसिस करा रहे हैं। न उन्हें दूर जाना पड़ता है और न ही इलाज के खर्च की चिंता रहती है। समय पर इलाज मिलने से उनकी सेहत में भी पहले की तुलना में सुधार देखने को मिल रहा है।
जिला अस्पताल कबीरधाम में शुरू की गई यह निःशुल्क डायलिसिस सुविधा आज सैकड़ों जरूरतमंद मरीजों के लिए नई उम्मीद बन चुकी है। निजी अस्पतालों में एक बार डायलिसिस कराने पर 2 से 3 हजार रुपये तक खर्च आता है, जबकि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
अब तक जिले में 123 मरीज इस सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें 35 मरीज नियमित रूप से डायलिसिस करा रहे हैं। अस्पताल में स्थापित 5 आधुनिक डायलिसिस मशीनों के माध्यम से अब तक 12,710 से अधिक निःशुल्क डायलिसिस किए जा चुके हैं।
यह पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए राहत है, बल्कि यह साबित करती है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं सही क्रियान्वयन के साथ आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।