कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव की पहल, 1158 बालिकाओं को लगाया गया निःशुल्क एचपीवी टीका

कबीरधाम जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। अब तक 1158 बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी माना जाता है और जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है।

Jun 25, 2026 - 18:08
 0  2
कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव की पहल, 1158 बालिकाओं को लगाया गया निःशुल्क एचपीवी टीका

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l हिलाओं में होने वाले सबसे गंभीर कैंसरों में शामिल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए कबीरधाम जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। जिले में अब तक 1158 बालिकाएं इस टीकाकरण का लाभ प्राप्त कर चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य समय रहते टीकाकरण के माध्यम से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करना है।

जिले में यह अभियान 16 मार्च 2026 से जिला चिकित्सालय के साथ-साथ सभी छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित किया जा रहा है, जहां कोल्ड चेन की सुविधा उपलब्ध है। रविवार और शासकीय अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक टीकाकरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं तक इस सुविधा का लाभ पहुंचाया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह वैक्सीन 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को एकल डोज (0.5 एमएल) के रूप में दी जाती है। टीकाकरण से पहले आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र के माध्यम से आयु का सत्यापन किया जाता है तथा अभिभावकों की सहमति भी अनिवार्य रूप से ली जाती है। टीका बाईं ऊपरी बांह में लगाया जाता है और इसके बाद लाभार्थी को कम से कम 30 मिनट तक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी के लिए रुकना होता है। टीकाकरण के बाद प्रत्येक बालिका को टीकाकरण कार्ड भी प्रदान किया जाता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि टीकाकरण के दौरान बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है। अभियान के दौरान अब तक किसी भी प्रकार की गंभीर प्रतिकूल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है।

विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। हर वर्ष दुनियाभर में हजारों महिलाओं की मृत्यु इस बीमारी के कारण होती है, जिनमें बड़ी संख्या भारत की भी होती है। ऐसे में किशोरावस्था में समय पर लगाया गया एचपीवी टीका भविष्य में इस गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम माना जाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का समय पर एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। निजी अस्पतालों में यही टीका 4 से 6 हजार रुपये तक की लागत में उपलब्ध है, जबकि शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में इसे पूरी तरह निःशुल्क लगाया जा रहा है। यह अभियान बालिकाओं के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।