देव स्नान पूर्णिमा पर 108 कलशों से भगवान जगन्नाथ का महाअभिषेक, पुरन्दर मिश्रा ने की पूजा-अर्चना
रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का 108 कलशों के जल से महाअभिषेक किया गया। विधायक पुरन्दर मिश्रा ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के गायत्री नगर, शंकर नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में देव स्नान पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ 108 पवित्र कलशों के जल से भव्य महाअभिषेक एवं स्नानोत्सव संपन्न हुआ। पूरे मंदिर परिसर में "जय जगन्नाथ" के जयघोष, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया
कार्यक्रम का नेतृत्व जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने किया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का 108 कलशों के जल से महाअभिषेक करते हुए प्रदेश और देशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया।
इस अवसर पर पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि देव स्नान पूर्णिमा भगवान जगन्नाथ की दिव्य लीलाओं से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ सभी को समान भाव से अपनाने वाले लोकदेवता हैं और उनकी कृपा से समाज में प्रेम, भाईचारा तथा सेवा की भावना का विस्तार होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाअभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा 15 दिनों तक 'अनवसर' काल में रहते हैं। इस अवधि में भगवान विश्राम और उपचार करते हैं। इसके बाद नवयौवन दर्शन के साथ विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ होता है, जिसका श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं।
स्नानोत्सव के दौरान वैदिक ब्राह्मणों ने विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य स्नानोत्सव के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया गया था, जिससे पूरे आयोजन का वातावरण और अधिक मनोहारी एवं भक्तिमय बन गया।
समारोह के अंत में पुरन्दर मिश्रा ने सभी श्रद्धालुओं को देव स्नान पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान जगन्नाथ से समाज में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की। कार्यक्रम में जगन्नाथ सेवा समिति के पदाधिकारी, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्ति, परंपरा और सामाजिक एकता का यह आयोजन राजधानी रायपुर में श्रद्धालुओं के लिए यादगार अवसर बन गया।