नगरी में कुपोषित बच्चों के लिए विशाल स्वास्थ्य शिविर, 408 बच्चों की हुई जांच

कलेक्टर के निर्देशानुसार नगरी नगर पंचायत स्थित सामुदायिक भवन में 0 से 6 वर्ष के कुपोषित बच्चों के लिए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 408 बच्चों की जांच कर उपचार, परामर्श एवं रेफरल सुविधा प्रदान की गई।

Feb 28, 2026 - 19:33
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नगरी में कुपोषित बच्चों के लिए विशाल स्वास्थ्य शिविर, 408 बच्चों की हुई जांच

UNITED NEWS OF ASIA .रिजवान मेमन, धमतरी | कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार दिनांक 28 फरवरी 2026 को विकासखंड मुख्यालय नगरी के नगर पंचायत नगरी स्थित सामुदायिक भवन में 0 से 06 वर्ष आयु वर्ग के कुपोषित एवं जोखिमग्रस्त बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का शुभारंभ नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा एवं उपस्थित पार्षदगणों के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने दोनों विभागों की इस पहल की सराहना करते हुए पालकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शिविर की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लें।

शिविर में कुल 06 सेक्टरों से आए 408 बच्चों की जांच की गई, जिनमें कमार जनजाति के बच्चे भी शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य एक ही स्थान पर बच्चों की स्क्रीनिंग, आवश्यक जांच, उपचार, रेफरल एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना था। इस संबंध में बीपीएम नगरी हितेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि शिविर के माध्यम से गंभीर एवं मध्यम कुपोषण से ग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

शिविर में आयुष विभाग की सेवाएं भी बच्चों को प्रदान की गईं। डॉ. डी.एन. सोम, एनआरसी एवं चाइल्ड हेल्थ नोडल अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने विशेष श्रेणी के बच्चों की जांच कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सोमेंद्र कुमार साहू ने बताया कि ऐसे बच्चों को विशेष रूप से शिविर में लाया गया था जिनका वजन लंबे समय से नहीं बढ़ रहा था या जिन्हें किसी प्रकार की गंभीर समस्या थी।

आयुष काउंटर पर डॉ. तुलाराम साहू, डॉ. आशीष एवं डॉ. एम.पी. चंद्राकर द्वारा कुल 228 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया तथा 156 बच्चों को आयुष औषधियां वितरित की गईं। इस दौरान बच्चों की माताओं की भी जांच कर आवश्यक उपचार दिया गया।

चिरायु दल से डॉ. अखिल चंद्राकर, डॉ. शमा खान, डॉ. रेणुका चौहान एवं डॉ. मिथलेश साहू ने जानकारी दी कि उनके काउंटर पर 165 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें अधिकांश मामलों में सर्दी-खांसी, त्वचा रोग एवं मध्यम कुपोषण के केस पाए गए। कुछ बच्चों को नए रूप में कुपोषित श्रेणी में चिन्हांकित कर उपचार प्रारंभ किया गया तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें एनआरसी सेवाओं से जोड़ा जाएगा। एक जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चे का फॉलोअप भी किया गया।

कार्यक्रम के अंत में बीएमओ नगरी डॉ. अरुण नेताम ने बताया कि शिविर में कुल 408 बच्चों की जांच की गई, जिनमें 88 बच्चों का रक्त परीक्षण किया गया। किसी भी बच्चे में गंभीर एनीमिया नहीं पाया गया, जबकि केवल एक बच्चा सामान्य एनीमिया श्रेणी में पाया गया। एलोपैथिक काउंटर से 264 बच्चों को आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। नेत्र विकार के 20 तथा दंत रोग के 26 प्रकरण चिन्हांकित कर मौके पर ही उपचार किया गया।

इस शिविर में स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग रहा, जिसमें विशेष रूप से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, मोबाई क्रेचेस एवं लोक आस्था संस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम में पार्षदगण अश्वनी निषाद, शंकर देव, अल्का साहू, टुकेश्वरी साहू, मिक्की गुप्ता, चलेश्वरी साहू, देवशरण साहू, हरिश साहू एवं राजा पवार सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी सुपरवाइजर तथा स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ की सक्रिय भूमिका से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।