खाद संकट पर कांग्रेस का हमला, किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में सरकार विफल: दीपक बैज

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में उर्वरकों की कमी को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टोकन सिस्टम समाप्त करने के बावजूद सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस ने सरकार से उर्वरकों की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

Jun 28, 2026 - 12:13
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खाद संकट पर कांग्रेस का हमला, किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में सरकार विफल: दीपक बैज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सियासत तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खाद वितरण के लिए टोकन सिस्टम तो समाप्त कर दिया, लेकिन अधिकांश सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद अब भी उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान लगातार परेशान हो रहे हैं।

दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश के किसान यूरिया, डीएपी और पोटाश जैसे आवश्यक उर्वरकों के लिए एक सोसायटी से दूसरी सोसायटी तक भटकने को मजबूर हैं। सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खुले बाजार से भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं हो रहा है और जहां मिल रहा है, वहां कीमतें भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। जून का अधिकांश समय बीत चुका है और खरीफ की बुवाई का समय शुरू हो गया है, लेकिन अब तक प्रदेश की कई सोसायटियों में खाद नहीं पहुंची है। किसानों द्वारा लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि पिछले खरीफ सीजन में भी सरकार किसानों की जरूरत के अनुरूप उर्वरकों की व्यवस्था नहीं कर पाई थी। उस दौरान किसानों को ब्लैक मार्केट से कई गुना अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए लगभग 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान है, लेकिन सरकार अभी तक आवश्यक स्टॉक का आधा हिस्सा भी उपलब्ध नहीं करा सकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले सभी सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती प्रभावित न हो। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो किसानों की फसल और पूरे वर्ष की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कांग्रेस ने सरकार से उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। दीपक बैज ने कहा कि सरकार स्पष्ट बताए कि प्रदेश में कितना उर्वरक उपलब्ध है, कितना और आने वाला है तथा किस जिले में कितनी मात्रा भेजी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछली बार की तरह केवल दावों के सहारे किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही का सीधा असर प्रदेश के लाखों किसानों की आय और कृषि उत्पादन पर पड़ेगा।