स्वास्थ्य व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, सत्यप्रकाश सिंह ने नकली दवाओं और इलाज व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ताहीन दवाएं, जांच सुविधाओं की कमी और इलाज संबंधी अव्यवस्थाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ताहीन दवाओं और चिकित्सा संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सत्यप्रकाश सिंह ने जारी बयान में कहा कि राजधानी सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नकली एवं अमानक दवाओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अस्पतालों में मरीजों को ऐसी दवाएं वितरित की गईं, जिनकी गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ दवाओं में फंगस मिलने, एंटीबायोटिक दवाओं से एलर्जी की शिकायतें आने तथा बच्चों और गर्भवती महिलाओं को वितरित कुछ दवाओं के मानकों पर भी प्रश्न खड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में केवल दवाओं की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव है। उनके अनुसार मेकाहारा जैसे बड़े अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांचों के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के बजाय सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जिन दवा कंपनियों के उत्पादों पर अन्य राज्यों में कार्रवाई की जा चुकी है, उन्हीं कंपनियों की दवाएं प्रदेश में उपलब्ध हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि डॉक्टरों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित सप्लायर कंपनियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने गुणवत्ताहीन दवाओं की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि यदि अलग-अलग अस्पतालों में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत करती हैं और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि राज्य के नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।