छिंदवाड़ा में बैंक लूट की कोशिश नाकाम, पुलिस ने आरोपी को मौके पर दबोचा
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा शहर में बैंक ऑफ इंडिया शाखा में लूट की कोशिश को कोतवाली पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। बैंक का ताला तोड़कर अंदर घुसे आरोपी ने स्ट्रॉन्ग रूम में आग लगाने, विस्फोटक फेंकने और लॉकर तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस पर धारदार हथियार से हमला करने के बावजूद आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज सिंह पटेल छिदवाड़ा l मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लूट की बड़ी साजिश को कोतवाली पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। आरोपी बैंक के अंदर घुसकर लॉकर तोड़ने, स्ट्रॉन्ग रूम में आग लगाने और पुलिस पर हमला करने जैसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना 27 जून 2026 की सुबह करीब 11:45 बजे की है। बैंक ऑफ इंडिया शाखा के मैनेजर शिवकुमार मसराम ऑडिट कार्य के लिए दफ्तरी लक्ष्मण कोलारे के साथ बैंक पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि बैंक के मुख्य प्रवेश द्वार का ताला टूटा हुआ है। स्थिति संदिग्ध लगने पर तत्काल डायल-112 और कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही उप निरीक्षक नारायण सिंह बघेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बैंक का शटर अंदर से बंद था। आसपास मौजूद लोगों की सहायता से शटर को लगभग डेढ़ फीट तक उठाया गया। इसी दौरान बैंक के अंदर छिपे आरोपी ने पुलिस को रोकने के लिए पेट्रोल से आग लगाई और सुतली बम जैसे विस्फोटक फेंके, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आरोपी हाथ में धारदार बका लेकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने उप निरीक्षक नारायण सिंह बघेल पर हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। इसके बावजूद पुलिस ने साहस और सतर्कता दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया।
बैंक के अंदर घना धुआं फैला हुआ था। जांच के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम में आग लगी मिली, जिसे अग्निशामक यंत्र की मदद से तुरंत बुझाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राहकों के लॉकर तोड़ने की कोशिश कर रहा था और उसने लॉकर की कंक्रीट परत को भी नुकसान पहुंचाया था। यदि समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती तो बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता था।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने तथा मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
पुलिस ने आरोपी चन्द्रप्रकाश लोखंडे, निवासी एकता कॉलोनी, चंदनगांव, छिंदवाड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम एवं आर्म्स एक्ट के तहत दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं तथा उसकी मंशा केवल चोरी की थी या किसी बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी।
इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, साहस और सतर्कता के चलते बैंक में संभावित बड़ी लूट और व्यापक नुकसान को टाल दिया गया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही आगे की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।