बालोद के वनांचल में बढ़ा वन्य जीवों का मूवमेंट, वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए जारी किया अलर्ट
बालोद जिले के वन क्षेत्रों से लगे गांवों में तेंदुआ, भालू और जंगली सुअरों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और वन्य जीव दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले के वन क्षेत्रों से लगे गांवों में वन्य जीवों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए सतर्कता संबंधी अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे विशेष सावधानी बरतें और किसी भी वन्य जीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
वन विभाग के अनुसार बालोद जिला मुख्यालय के आसपास स्थित सिवनी, झलमला, देवारभाट, पाकुरभाट, तालगांव, सेमरकोना, मटिया, बरही, खांड़े, शर्करा, नारा गांव, किनारगोंदी, करहीभदर और सांकरा सहित वन क्षेत्रों से लगे गांवों में वन्य जीवों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है।
वन अधिकारियों के अनुसार वर्तमान मौसम और जंगलों में भोजन तथा पानी की उपलब्धता में बदलाव के कारण तेंदुआ, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्य जीव शाम और रात के समय जंगल से निकलकर गांवों और आबादी वाले इलाकों की ओर आ सकते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में तेंदुआ, भालू या अन्य वन्य जीव दिखाई देता है, तो लोग घबराएं नहीं और न ही उसे भगाने या पकड़ने का प्रयास करें। विभाग ने कहा कि वन्य जीवों के आसपास भीड़ लगाना या उन्हें उकसाने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना सबसे सुरक्षित उपाय है, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके।
विभाग ने ग्रामीणों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी जारी की हैं। लोगों से शाम और रात के समय अनावश्यक रूप से जंगल या उसके आसपास जाने से बचने, बच्चों और मवेशियों पर विशेष निगरानी रखने तथा अकेले सुनसान क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह भी दी गई है।
वन विभाग का कहना है कि मानव और वन्य जीवों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए जनसहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। यदि ग्रामीण समय पर सूचना देते हैं और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं, तो संभावित दुर्घटनाओं और जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
वन अधिकारियों ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास का सम्मान करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग से संपर्क करें। विभाग का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वन्य जीवों का संरक्षण भी करना है, ताकि मानव और वन्य जीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व बना रहे।