अमृत सरोवरों पर योग दिवस आयोजन, ग्रामीणों ने लिया जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

दुर्ग जिले के अमृत सरोवरों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास, जनजागरूकता कार्यक्रम और अमृत सरोवर संवाद का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 की जानकारी प्राप्त की।

Jun 22, 2026 - 11:57
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अमृत सरोवरों पर योग दिवस आयोजन, ग्रामीणों ने लिया जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के विभिन्न अमृत सरोवरों में सामूहिक योगाभ्यास, जनजागरूकता गतिविधियों और “अमृत सरोवर संवाद” कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना रहा।

कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, युवा मंडलों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर योग के महत्व को समझा और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का भी आधार है। योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण का संदेश दिया गया। साथ ही प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया गया।

अमृत सरोवर स्थलों पर आयोजित गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण संरचनाओं के प्रति जिम्मेदारी और अपनत्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अमृत सरोवर उपयोगकर्ता समूह, स्वयं सहायता समूह, जनप्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों ने जल संरक्षण को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए अमृत सरोवरों के संरक्षण और उपयोग में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।

जिले में मनरेगा के अंतर्गत निर्मित 123 अमृत सरोवर वर्तमान में जल संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों, सामुदायिक कार्यक्रमों और जनजागरूकता अभियानों के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। इन सरोवरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित “अमृत सरोवर संवाद” कार्यक्रम में ग्रामीणों और श्रमिकों को विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। संवाद के दौरान बताया गया कि यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील होगा।

कार्यक्रम में श्रमिकों को 125 दिवस रोजगार की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों को उनके अधिकारों, योजनाओं के लाभ और रोजगार संबंधी अवसरों के प्रति जागरूक किया गया।

अमृत सरोवर संवाद के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने योग, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक मंच पर लाकर सामुदायिक जागरूकता को नई दिशा प्रदान की।