आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों पर सख्ती, सड़क पर चलने पर होगी चालानी कार्रवाई

रबर टायर के बिना आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों के सार्वजनिक सड़कों पर संचालन को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को जनजागरूकता अभियान चलाने, नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करने को कहा गया है।

Jun 28, 2026 - 14:57
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आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों पर सख्ती, सड़क पर चलने पर होगी चालानी कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l सार्वजनिक सड़कों पर रबर टायर के बिना आयरन केजव्हील (दोहरे लोहे के पिंजरे वाले) ट्रैक्टरों के संचालन पर अब परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को ऐसे ट्रैक्टरों के सड़क पर संचालन पर तत्काल रोक लगाने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

परिवहन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर जनहित याचिका क्रमांक 87/2025 में दिए गए निर्देशों तथा परिवहन आयुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयरन केजव्हील केवल कृषि कार्यों के लिए तैयार किए जाते हैं और इनका उपयोग खेतों तक ही सीमित होना चाहिए। इन्हें रबर टायर के स्थान पर सीधे डामर, सीमेंट की सड़कों अथवा राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलाना मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।

विभाग का कहना है कि आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों के सड़क पर चलने से सड़क की सतह को गंभीर नुकसान पहुंचता है। साथ ही अन्य वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लोक निर्माण विभाग ने भी कई क्षेत्रों में ऐसी शिकायतें दर्ज कराई हैं कि लोहे के पहियों के कारण सड़कों की परत क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च आ रहा है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के माध्यम से किसानों, ट्रैक्टर मालिकों और वाहन चालकों को मोटर वाहन नियमों की जानकारी दी जाएगी तथा यह बताया जाएगा कि आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों का उपयोग केवल कृषि कार्यों और खेतों में ही किया जाना चाहिए।

विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि स्थानीय समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके। इसके साथ ही विशेष जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रैक्टरों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।

परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना भी है। अधिकारियों ने किसानों और ट्रैक्टर संचालकों से अपील की है कि वे मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का पालन करें तथा खेतों में उपयोग होने वाले आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों को सार्वजनिक सड़कों पर न चलाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।