कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में पूर्णिमा साहू, लोकचंद साहू, मिलु साहू, नरेंद्र मानिकपुरी, कार्यपालन अभियंता डी.एस. राजपूत तथा सहायक अभियंता गोपाल प्रसाद ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थितजनों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। शपथ में जल के सदुपयोग, संरक्षण और अपव्यय रोकने का संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि ईश्वरी साहू ने अपने संबोधन में कहा कि “जल जीवन का आधार है और इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना न मानकर व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए आज से ही व्यवहार में बदलाव लाना आवश्यक है। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए जल स्रोतों के संरक्षण, पाइपलाइन के सही संचालन और संतुलित जल उपयोग पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुति रही, जिसमें आस्था कला मंच, कबीरधाम के कलाकारों ने जल संरक्षण पर आधारित प्रभावशाली कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए जल बचाने का संदेश दिया।
समापन अवसर पर ‘हर घर जल’ प्रमाणित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। विकासखंड बोड़ला के ग्राम पंचायत बोदा-03, कामाडाबरी, बोल्दाकला, बोरिया, अंधरीकछार और बरबसपुर के सरपंचों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम जल संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने में सफल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर नागरिक जल के महत्व को समझे और इसे बचाने का संकल्प ले, तो भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है।