नक्सल प्रकरणों की समीक्षा तेज होगी, बस्तर के युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में बस्तर से आए युवाओं, जनप्रतिनिधियों, नक्सल प्रभावित परिवारों और नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जनहानि रहित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा होगी और पात्र मामलों में त्वरित व न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Jul 13, 2026 - 17:55
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नक्सल प्रकरणों की समीक्षा तेज होगी, बस्तर के युवाओं से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रकरणों के त्वरित और न्यायसंगत निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में बस्तर क्षेत्र से आए जनप्रतिनिधियों, नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध लोगों के परिजनों, नक्सल पीड़ितों और युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पात्र मामलों की संवेदनशीलता के साथ समीक्षा कर न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल मामलों में जेल में निरुद्ध लोगों के प्रकरणों की शीघ्र समीक्षा की जाएगी और जहां भी नियमानुसार राहत संभव होगी, वहां विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को गृह विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि लंबित मामलों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में वे प्रकरण शामिल हैं जिनमें जनहानि हुई है, जबकि दूसरी श्रेणी में ऐसे मामले हैं जिनमें जनहानि नहीं हुई। जनहानि रहित मामलों की समीक्षा संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक प्रत्येक सप्ताह अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ करेंगे, ताकि पात्र लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।

विजय शर्मा ने कहा कि जिन मामलों में जनहानि हुई है और प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं, उनमें चालान प्रस्तुत करने, गवाहों के बयान और न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गंभीर धाराओं वाले मामलों में न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी आरोपी के परिजन अपने मामले की समीक्षा कराना चाहते हैं, तो वे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे सकते हैं। ऐसे सभी आवेदनों की जांच अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम द्वारा विधिसम्मत तरीके से की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक माओवादी हिंसा ने बस्तर सहित कई क्षेत्रों के विकास को प्रभावित किया, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। हाल ही में नक्सल प्रभावित किसकोड़ो गांव के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पहली बार खुद को वास्तविक रूप से स्वतंत्र महसूस करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि कबीरधाम क्षेत्र में भी उन्होंने नक्सल प्रभाव का दौर करीब से देखा है।

बैठक के दौरान युवाओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे, जिन पर उप मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने युवाओं से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान करते हुए जैविक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार एनपीओपी प्रमाणन सहित विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि शांति, विकास और विश्वास के वातावरण से बस्तर के युवाओं के लिए नए अवसर तैयार होंगे।