UNA NEWS की खबर का असर: अंतरजातीय विवाह योजना में घूसखोरी मामले की जांच के आदेश, बेमेतरा कलेक्टर ने लिया संज्ञान
बेमेतरा में अंतरजातीय विवाह योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर कथित घूसखोरी के मामले में प्रशासन ने संज्ञान लिया है। UNA NEWS द्वारा मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित दंपति की शिकायत के आधार पर योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले में अंतरजातीय विवाह योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर कथित घूसखोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले को UNA NEWS द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद बेमेतरा कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम सिंघपुरी निवासी दिलेश बंजारे ने अंजली यादव के साथ अंतरजातीय विवाह किया था। शासन की अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उन्हें आर्थिक सहायता का लाभ मिलना था। आरोप है कि योजना की राशि स्वीकृत कराने के लिए न्यायालय अपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ बाबू विनय कुर्रे द्वारा 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में कथित रूप से यह रकम 40 हजार रुपये में तय की गई।
मामले के सार्वजनिक होने के बाद पीड़ित दंपति ने जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान योजना की प्रक्रिया, दस्तावेजों की स्थिति, भुगतान से संबंधित फाइलों तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी देखा जाएगा कि योजना के लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर लाभ मिला या नहीं तथा किसी स्तर पर अनावश्यक दबाव या आर्थिक लेनदेन की कोशिश तो नहीं की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस मामले ने अंतरजातीय विवाह योजना के क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित इस योजना का मकसद ऐसे दंपतियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने सामाजिक बंधनों को तोड़कर विवाह किया है। ऐसे में यदि लाभ दिलाने के नाम पर किसी प्रकार की अवैध मांग की जाती है तो यह योजना की मूल भावना के विपरीत माना जाएगा।
स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए परेशान न होना पड़े।
फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पीड़ित दंपति ने भी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई है।